धुंध में वाहन धीरे चलाएं, इंडीकेटर-पार्किंग लाइट अवश्य जलाएं
पुलिस की पाठशाला: अमर उजाला फाउंडेशन और ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से आदर्श पब्लिक स्कूल में कार्यक्रम आयोजित, बच्चों को दिलाई शपथ
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा प्रेम नगर स्थित आदर्श पब्लिक स्कूल में पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में बच्चों को ट्रैफिक के नियमों की जानकारी दी गई। ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में बच्चों ने ट्रैफिक के नियमों से जुड़े सवाल पूछे। इनका ट्रैफिक एसएचओ पवन कुमार ने जवाब देकर बच्चों की जिज्ञासा को शांत किया। करीब डेढ़ घंटे के कार्यक्रम में ट्रैफिक एसएचओ और स्कूल निदेशक नवीन श्योराण ने इन नियमों को अन्य लोगों के साथ शेयर करने के लिए बच्चों को शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि अब धुंध का मौसम है, ऐसे में अपने वाहन को सड़क पर कम रफ्तार से चलाना चाहिए। इसके अलावा वाहन के इंडिकेटर और पार्किंग लाइट को भी नियमानुसार प्रयोग करना चाहिए ताकि कोई अन्य वाहन चालक असमंजस की स्थिति में न रहे।
शुक्रवार सुबह करीब सवा दस बजे आदर्श पब्लिक स्कूल में अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले पुलिस की पाठशाला शुरू हुई। इसमें ट्रैफिक एसएचओ पवन कुमार और ट्रैफिक थाना एमएचसी रमेश कुमार बच्चों को ट्रैफिक के नियमों की जानकारी दी। स्कूल निदेशक और स्टाफ सदस्यों ने ट्रैफिक पुलिस टीम का अभिनंदन किया। आयोजन की शुरूआत में स्कूल निदेशक ने बच्चों को कार्यक्रम के उद्देश्य से अवगत कराया। वहीं, स्कूल निदेशक और ट्रैफिक एसएचओ ने अमर उजाला फाउंडेशन के प्रयासों की भी सराहना की।
ट्रैफिक एसएचओ पवन कुमार ने कहा कि हमें ट्रैफिक के नियमों की हर हाल में पालना करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हर वर्ष देश में हजारों सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। इनमें से अधिकतर का कारण ट्रैफिक नियमों की अनदेखी होता है। उन्होंने कहा कि हमें चौपहिया वाहन चलाते समय हमेशा सीट बेल्ट का प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि देखने में आता है कि अभिभावक स्कूली बच्चों को वाहनों की चाबियां थमा देते हैं जबकि नियमानुसार ड्राइविंग लाइसेंस बनने से पहले किसी को वाहन नहीं दौड़ाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोपहिया वाहन चलाते समय हमेशा हेलमेट का प्रयोग करें। अंत में उन्होंने उपस्थित सभी को ट्रैफिक नियमों का पालन करने की शपथ दिलाई।
बच्चों के सवाल, ट्रैफिक एसएचओ पवन कुमार के जवाब
सवाल: क्या दोपहिया वाहन पर सवार दोनों लोगों का हेल्मेट पहनना जरूरी है। - अंजलि, छात्रा कक्षा नौ
जवाब: हेलमेट व्यक्ति की सुरक्षा के लिए होता है इसलिए दोनों को ही हेल्मेट पहनना चाहिए।
सवाल: ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की क्या प्रक्रिया है। - अंकिता, छात्रा कक्षा आठ
जवाब: 16 साल की उम्र में लर्निंग लाइसेंस बनेगा। लाइसेंस की फाइल के साथ बर्थ सर्टिफिकेट, एक आईडी प्रूफ, फोटो आदि दस्तावेज चाहिए होंगे।
सवाल: वाहनों के पीछे एल लिखने का क्या मतलब होता है। - राहुल, छात्र, कक्षा नौ
जवाब: एल का मतलब लर्निंग होता है। इसका मतलब कि उक्त वाहन का चालक प्रशिक्षण ले रहा है।
सवाल: 18 साल की उम्र के बाद कितने साल का ड्राइविंग लाइसेंस बनता है। - समृद्धि, कक्षा आठ
जवाब: लाइसेंस 15 और 20 साल का बनाया जाता है। बाद में इसे रिन्यू भी करवा सकते हैं।
खुद भी करेंगे पालना, दूसरो को करेंगे जागरूक
- आयोजन से मुझे काफी अहम जानकारियां मिली है। इन जानकारियों को मैं दूसरों के साथ भी साझा करूंगी ताकि सड़क हादसों से बचा जा सके।
अंजलि राणा, कक्षा- नौ
- कई ट्रैफिक के नियम ऐसे थे जिनकी मुझे जानकारी नहीं थी। इस कार्यशाला के आयोजन से मुझे उनका पता चला। थैंक्यू अमर उजाला और ट्रैफिक पुलिस।
अंकित श्योराण, कक्षा- आठ
- ट्रैफिक के नियमों का पालन बेहद जरूरी है। इसका मुझे पता चल गया है। मैं वाहन चलाने वाले अपने परिजनों को भी घर जाकर इनकी जानकारी दूंगी।
समृद्धि गुप्ता, कक्षा-आठ
- सड़क हादसों से बचने के लिए ट्रैफिक के नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है, इसका आज पता चल गया। मैं हमेशा ट्रैफिक नियमों का पालन करूंगा।
राहुल सांगवान, कक्षा- नौ
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ट्रैफिक नियमों के पालना की बच्चों को शपथ दिलाते एसएचओ।
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बच्चों को संबोधित करते ट्रैफिक एसएचओ।
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ट्रैफिक पुलिस से सवाल पूछता छात्र।
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कार्यशाला के समापन पर ट्रैफिक पुलिस टीम को सम्मानित करते हुए।
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अंजलि।
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अंकिता।
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स्मृद्घि।
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राहुल।