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टोल माफी को टाल गए सीएम, सर्विस रोड का दिया आश्वासन

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टोल माफी को टाल गए सीएम, सर्विस रोड का दिया आश्वासन
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बादली। सीएम मनोहरलाल द्वारा कुंडली-पलवल-मानेसर एक्सप्रेस वे का निरीक्षण किए जाने की सूचना पर कई गांव के लोग केएमपी पर पहुंचे। ग्रामीणों ने टोल फ्री की मांग रखी तो सीएम इस मांग को टाल गए। जाते जाते उन्होंने सर्विस रोड की मांग को पूरा कराने का जरूर आश्वासन दिया।
सीएम के निरीक्षण की जानकारी मिलते ही होशियार और अमित छनपाडिय़ा के नेतृत्व में कई गांवों की पंचायतें और ग्रामीण टोल पर पहुंचे। जिला पुलिस अधीक्षक पंकज नैन ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया मगर ग्रामीण मुख्यमंत्री से मिलने की मांग पर अड़े रहे। ग्रामीणों ने शांतिप्रिय तरीके से अपनी मांगों को मुख्यमंत्री के सामने रखने का आश्वासन देने के बाद पुलिस ने एक प्रतिनिधिमंडल को अनुमति दी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी निरीक्षण करने के बाद ग्रामीणों की मांगों को सुना और समाधान का आश्वासन दिया। हालांकि मुख्यमंत्री ने टोल माफी की मांग पर कोई जवाब नहीं दिया लेकिन सर्विस रोड बनाने की मांग पर विचार करते हुए पूरा करवाने का आश्वासन दिया। इस दौरान बादली से सरपंच प्रतिनिधि अमित छनपाडिय़ा, दरियापुर सरपंच संदीप, चांद लगरपुर, राज देवरखाना, चन्द्र मुंडाखेड़ा, शैलेश ठेकेदार, दयानंद ठेकेदार, बलबीर, सुंदर, प्रकाश, धर्मबीर, रामकुमार नम्बरदार, इन्द्र, बबलू, सुंदर बादली सहित सहित आधा दर्जन से ज्यादा गांवों के ग्रामीणों को प्रतिनिधिमंडल मुंख्यमंत्री से मिला।
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प्रमुख मांगे
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल के सामने केएमपी के दोनों ओर सर्विस रोड बनवाने की मांग रखी। सर्विस रोड न होने से किसानों की अपने खेतों से दूरी बन गई है। केजीपी के दोनों ओर सर्विस रोड है तो केएमपी भी होनी चाहिए ताकि किसान अपने खेतों में आसानी से जा सके। इसके अतिरिक्त जिन गांवों की जमीन केएमनी में गई है, उन गांवों के वाहनों को टोल फ्री करने की मांग की गई।
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जरूरी हुआ सर्विस रोड
ग्रामीणों ने सर्विस रोड पर तर्क दिया कि हाईवे ने सभी गांवों का रकबा दो हिस्सों में बंटा हुआ है। ग्रामीणों की सुविधा के लिए अंडरपास नहीं बनाए गए है। कई जगह पर तो ग्रामीणों को केएमपी से गुजरते हुए अपने खेतों में जाना होता है। ऐसे में किसानों के लिए सर्विस रोड काफी लाभदायक साबित हो सकता है।
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