फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शहर में हर्षोल्लास से मनाया गया दशहरा पर्व

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
बहादुरगढ़। बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा पर्व शुक्रवार को शहर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मंदिरों में धार्मिक आयोजन हुए तो घर-घर में दशहरा पूजन हुआ। नगर में कई स्थानों पर बुराई के प्रतीक रावण के पुतले जलाए गए। मेला ग्राउंड में आयोजित बड़े कार्यक्रम में हजारों की संख्या में लोग जुटे।
मेन बाजार स्थित सनातन धर्म महावीर मंदिर समिति (परोपकारी सभा) वर्ष 1947 से रावण दहन कार्यक्रम करती आ रही है। शुक्रवार को मंदिर में सुंदरकांड पाठ संपन्न हुआ। इसके बाद नगर में भगवान राम की शोभायात्रा निकाली गई। भगवान श्रीराम-लक्ष्मण-सीता, हनुमान और रावण आदि झांकियों ने यात्रा की शोभा बढ़ाई। शोभायात्रा में मुकुटधारी हनुमान सभी के आकर्षण का केंद्र बने। राम की वानर सेना और रावण की राक्षस सेना भी यात्रा में शामिल रही। शोभायात्रा मेन बाजार, सुभाष चौक, गांधी चौक, किला मोहल्ला से होते हुए रावण दहन स्थल मेला ग्राउंड पहुंची। यहां राम-रावण बने कलाकारों के बीच युद्ध हुआ। युद्ध में प्रभु श्रीराम की जीत के साथ ही शाम पांच बजकर 50 मिनट पर बुराई रूपी रावण के पुतले (55 फुट) का दहन कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


उमड़ी रही भीड़
दशहरे मेेले में लोगों ने जमकर खरीदारी की। बच्चों ने रामायणीय चरित्रों के मुखोटे, तलवार, गदा आदि खरीदे। शहर के सबसे पुराने रावण दहन स्थल (मेला ग्राउंड) में इस बार काफी भीड़ रही। रेलवे रोड पर कार्यक्रम न होने के चलते यहां भीड़ काफी बढ़ गई। हालात ये थे कि पांव रखने तक की जगह नहीं बची। भीड़ पर नियंत्रण रखने के लिए पुलिस प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी। सुरक्षा की दृष्टि से दोनों की स्थलों पर पुलिस फोर्स, एंबुलेंस और दमकल गाड़ियां तैनात थी। शहर थाना प्रभारी सुरक्षा इंतजाम दुरुस्त करने में लगे थे। मेला ग्राउंड के अलावा बराही रोड, लाइनपार क्षेत्र, सेक्टर 9, सेक्टर 2 व पुराने शहर में बच्चों ने रावण के पुतले दहन किए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें