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पार्षद की गिरफ्तारी को लेकर सातवें दिन भी धरने पर रहे कर्मचारी

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अमर उजाला ब्यूरो
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बहादुरगढ़। मनोनीत पार्षद की गिरफ्तारी की मांग को लेकर नगर परिषद के सफाई कर्मियों का धरना सातवें दिन भी जारी रहा। वीरवार को कई पार्षदों के अलावा हुडा व लाइनपार क्षेत्र के सफाई कर्मियों ने भी धरना स्थल पर आकर कर्मचारियों को समर्थन दिया। कर्मचारियों ने कहा कि जब तक पार्षद राजपाल शर्मा की गिरफ्तारी नहीं होती वे काम पर नहीं लौटेंगे।
वीरवार को धरने की अध्यक्षता कर रहे इकाई सचिव राजपाल ने कहा कि सरकार के एक प्रतिनिधि ने एक कर्मचारी के साथ मारपीट की, यह तो निंदनीय था ही लेकिन केस दर्ज होने के सात दिन बाद भी पुलिस द्वारा आरोपी को गिरफ्तार न करना बेहद शर्मनाक है। कर्मचारी सात दिन से धरनेे पर बैठे हैं, लेकिन प्रशासन कुछ कार्रवाई नहीं कर रहा। जिला प्रधान राजेंद्र तुषामड़ और बिजेंद्र सैनी ने कहा कि कार्रवाई करने के बजाय अधिकारी भी कर्मचारियों पर समझौते के लिए दबाव बना रहे हैं। कर्मचारियों को पिटवाने और लज्जित कराने के बाद यदि अधिकारियों को समझौता ही करवाना है तो कर्मचारियों को अतिक्रमण हटाने के आदेश ही क्यों दिए जाते हैं। अवैध अतिक्रमण हटाने के एवज में कर्मचारियों से बदसलूकी हुई और अब न्याय नहीं मिल रहा। संघ इस ढिलाई को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। जब तक मनोनीत पार्षद राजपाल शर्मा उर्फ पाले की गिरफ्तारी नहीं हो जाती कर्मचारी धरने से नहीं उठेंगे।
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सेक्टर-छह, लाइनपार व ठेकेदार के 19 सफाई कर्मियों ने भी नप के सफाई कर्मियों को समर्थन दे दिया। कर्मचारियों के धरने को पूर्व विधायक नफे सिंह, रामनिवास सैनी, पार्षद संदीप, पार्षद गुरदेव, पार्षद रवींद्र जाखड़, पार्षद समुंद्र सहवाग, पार्षद प्रतिनिधि कपूर राठी, पार्षद शशि कुमार आदि ने भी समर्थन दिया है। वीरवार को आल हरियाणा पावर कार्पोरेशन वर्कर यूनियन के राज्य सचिव बंसीलाल, सर्कल सचिव रवींद्र दलाल, अग्निश्मन विभाग से नवीन डागर, राजेश खत्री आदि भी कर्मचारियों के साथ धरने पर बैठे। कर्मचारियों ने मनोनीत पार्षद और प्रशासन के खिलाफ खूब नारेबाजी की।
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ये है मामला
सिटी पार्क मेट्रो स्टेशन के पास अतिक्रमण फैला हुआ था। सड़क तक रेहड़ी वालों व छुट्टे दुकानदारों का कब्जा था। जिला उपायुक्त के आदेश पर नगर परिषद की टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची तो विवाद हो गया। इस विवाद में अतिक्रमणकारियों व टीम के बीच हाथापाई तक हो गई। भाजपा के मनोनीत पार्षद राजपाल शर्मा उर्फ पालेराम व कुछ अन्य पर मारपीट करने, धमकी देने व जातिसूचक शब्द कहे जाने के आरोप लगाए गए। इस मामले में पार्षद राजपाल उर्फ पालेराम व एक अन्य पर एससी एसटी एक्ट, मारपीट व अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ। पार्षद की गिरफ्तारी को लेकर कर्मचारी धरने पर बैठे हुए हैं।
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