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डेढ़ साल बाद पैंतावास खुर्द के जलघरों में पहुंचा पानी, ग्रामीणों को मिली राहत

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चरखी दादरी। करीब डेढ़ साल से खारा पानी पीने को विवश गांव पैतावास खुर्द के लोगों को अब शुद्ध और मीठा पानी मिलने लगा है। लंबे इंतजार के बाद गांव के जलघर में नहरी पानी पहुुंच गया है। अमर उजाला ने ग्रामीणों की समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित कर समस्या को विभाग के अधिकारियों तक पहुंचाया था। इस आशय की खबर 24 सितंबर के अंक में प्रकाशित की थी। ग्र्रामीणों ने उनकी समस्या का निराकरण करवाने के लिए इस प्रयास को सराहा है।
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गांव पैंतावास खुर्द स्थित जलघर में करीब डेढ़ साल से नहरी पानी की सप्लाई नहीं होने से ग्रामीण बोरिंग का खारा पानी पीने को मजबूर थे। कुछ ग्रामीण 800 रुपये में पानी का टैंकर खरीद कर पेयजल संबंधी जरूरतों को पूरा कर रहे थे। वहीं, बोरिंग का पानी पीने से ग्रामीण चर्म रोग के शिकार हो रहे थे। सूखे पड़े जलघर के टैंकों को बच्चों ने क्रिकेट का ग्राउंड बना लिया था। इस कारण गांव के करीब 100 से अधिक लोग चर्म रोग के शिकार हो गए थे। अमर उजाला ने सिंचाई विभाग के आला अधिकारियों को भी इस मामले से अवगत कराया था। इसके बाद जलघर के टैंकों में नहरी पानी पहुंचना शुरू हो गया। इस समय तीनों टैंकों को भरा जा रहा है। जलघर के दो टैंक पानी से लबालब हो चुके हैं। खारे और दूषित पानी से होने वाली एलर्जी और स्किन रोग के उपचार पर ग्रामीणों को काफी पैसा खर्च करना पड़ रहा है। समस्या के समाधान के लिए सरपंच और ग्रामीणों ने कई बार सिंचाई विभाग और जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से भी गुहार लगाई थी। यही नहीं ग्रामीण चंडीगढ़ स्थित विभाग के हेड ऑफिस तक चक्कर लगा चुके थे। हर बार अधिकारियों से केवल आश्वासन ही मिलता रहा। अमर उजाला की तरफ से मामले को चंडीगढ़ स्थित सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर सतबीर सिंह कादयान के संज्ञान में लाया गया। इसके बाद गांव के जलघर तक नहरी पानी पहुंचना शुरू हुआ।

ग्रामीण बोले: डेढ़ साल पुरानी समस्या का समाधान होने से मिली राहत
गांव में नहरी पानी की सप्लाई नहीं होने से लोग बोरिंग वाले ट्यूबवेल का खारा पानी पीने को मजबूर थे। अब नहरी पानी जलघर में पहुंच गया है। इससे ग्रामीणों को काफी राहत मिली है। - दिलबाग सिंह, ग्रामीण
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खारा इस्तेमाल करने से गांव के लोग चर्म रोग से ग्रस्त हो गए थे। अब गांव के टैंकों में नहरी पानी आने से लोगों को मीठा पानी उपलब्ध हो सकेगा। ग्रामीणों की समस्या का समाधान हो गया है। - शमशेर सिंह, ग्रामीण
जलघर से पानी की सप्लाई शुरू होने पर अब लोगों को महंगे दामों पर पानी के टैंकर नहीं मंगवाने पड़ेंगे। लोगों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर नहीं पड़ेगा।
- अमनदीप, ग्रामीण
गांव के जलघर में सोमवार को ही पानी पहुंच गया है। अब मीठे पानी की सप्लाई शुरू हो जाएगी। लोग खारा पीने को विवश थे। पानी के टैंकर खरीदने पड़ रहे थे। - कपिल, ग्रामीण
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