अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
पिछले 15 दिन में डीजल व पेट्रोल के दामों में लगातार हुई वृद्धि का लोगों के जीवन असर पड़ना लाजमी है। ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय करने वाले तो डीजल के भाव बढ़ने से बहुत चिंतित नजर आ रहे हैं।
दिल्ली में ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय करने वाले माडल टाउन निवासी दीपक मलिक ने कहा कि डीजल की दरों में पिछले दो सप्ताह से लगातार हो रही बढ़ोतरी से उनके व्यवसाय में मुश्किल खड़ी होती जा रही है। डीजल महंगा होता जा रहा है, लेकिन गाड़ी को भाड़े पर लेने वाले व्यापारी भाड़ा बढ़ाने को तो तैयार नहीं हैं। किसी भी माल की डिमांड व सप्लाई ज्यादा हो तो भाड़ा सही मिलता है, लेकिन जब मांग व आपूर्ति घटती है तो डीजल महंगा होने के बावजूद मजबूरी में औने-पौने भाड़े में भी गाड़ी चलानी पड़ती है।
ट्रांसपोर्टर अनिल कुमार ने कहा कि डीजल महंगा होगा तो दैनिक उपयोग की अनेक वस्तुएं महंगी होंगी। महाराष्ट्र से केला व दूसरे फल और प्याज व टमाटर समेत कई सब्जियां आती हैं। ईंधन महंगा होगा तो जाहिर सी बात है कि फल सब्जियों के भाव भी खुद ही बढ़ जाएंगे।
उधर, करियाना व्यापारी किशन ने बताया कि पिछले पांच दिन में चीनी के दाम 300 रुपये प्रति क्विंटल बढ़कर 2800 से 3100 रुपये प्रति क्विंटल तक हो गए हैं। लेकिन उन्होंने चीनी के दाम बढ़ने के कारणों की पुष्टि नहीं की। शहर के निवासी विनोद के घर में तीन कारें हैं। इनमें से दो कारों को उनके दो बेटे इस्तेमाल करते हैं। वे जॉब पर दिल्ली जाते हैं। विनोद ने कहा कि पेट्रोल इसी तरह महंगा होता रहा तो उनके दोनों बेटों को एक ही कार से रोज दिल्ली जाना पड़ेगा। एक कूरियर कंपनी में डिलीवरी ब्वाय संदीप ने कहा कि उनको 12 हजार रुपये वेतन मिलता है। दो साल पहले उसने नौकरी शुरू की तो 700 रुपये महीना के पेट्रोल में काम चल जाता था। लेकिन अब 2000 रुपये से ज्यादा का पेट्रोल खर्च हो रहा है। वेतन बढ़ा नहीं, और खर्च बढ़ गया है। तो गुजारा कैसे होगा।