फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एमएलआर के 250 रुपये तो प्रतिलिपि के लिए देने होंगे अब 100 रुपये

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

झज्जर।
सस्ते इलाज के लिए सरकारी अस्पताल का रुख करने वाले आम आदमी को अब वहां राहत नहीं मिलेगी। सरकारी अस्पताल में भी इलाज करवाने लिए मरीजों को जेबें ढीली करनी होंगी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अधिकतर टेस्ट के लिए रेट तय कर दिए गए हैं तो काफी टेस्ट के लिए रेट बढ़ा दिए गए हैं। ऐसे में सरकारी अस्पताल में मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना भी खत्म सी हो गई है। मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज के तहत सामान्य अस्पताल में लगभग सभी टेस्ट मुफ्त होते थे, लेकिन अब टेस्ट संबंधी रेट लिस्ट लैब कर्मियों को उपलब्ध करवा दी गई है। फिलहाल, अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे समेत अन्य कई टेस्ट की कीमतें नहीं लगाई गई हैं।
एमएलआर ढाई गुणा महंगी
नागरिक अस्पताल में एमएलआर (मेडिको लीगल रिपोर्ट) बनवाना ढाई गुना तक महंगा हो गई है। इसके लिए अब 250 रुपये देने होंगे। पहले एमएलआर के 100 रुपये लगते थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रतिलिपि के लिए 50 रुपये देने होते थे, अब 100 प्रतिलिपि देने होंगे। इसके अलावा एमएलआर और पीएमआर की प्रतिलिपि की फीस बढ़ाकर 100 रुपये कर दी गई है। हालांकि, बीपीएल परिवारों के लोगों को इसमें छूट दी गई है।
विज्ञापन

मेडिकल की फीस में बढ़ोतरी
सरकारी नौकरी लगने पर किए जाने वाले मेडिकल जांच की फीस भी बढ़ा दी गई है। क्लास वन और टू के लिए 500 रुपये, क्लास थ्री के लिए 200 रुपये और क्लास फोर के लिए 100 रुपये देने होंगे। इसी तरह केंद्र सरकार या निजी सेक्टर के कर्मचारी को 500 रुपये फीस देनी होगी।
कंप्लीट हिमोग्राम जांच कराने पर देने होंगे रुपये
नागरिक अस्पताल में पहले ब्लड समेत अन्य सभी टेस्ट फ्री होते थे। अब शुगर, थाइराइड, कैल्शियम, सीरम, एफएनएसी बायोस्पी, कोलेस्ट्राल, सीआरपी समेत अन्य कई टेस्ट के लिए अब कीमत ली जाएंगी। हालांकि इनके अतिरिक्त मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना के तहत 100 से अधिक प्रकार की जांच अब भी मुफ्त ही हैं, लेकिन प्रवासी मरीजों को इन जांचों के लिए भी निश्चित शुल्क अदा करना होगा। सरकारी अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों को सिर्फ 10 रुपये फाइल फीस देनी होती थी और पर्ची के पांच रुपये लगते थे, उनमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।
अभी ये टेस्ट रेट लिस्ट से बाहर
अस्पताल में अब भी कुछ महंगे टेस्ट रेट लिस्ट से बाहर रखे गए हैं। इनमें अल्ट्रासाउंड, ईसीजी, एक्स-रे शामिल हैं। इसके अलावा एचबी, टीएलसी, डीएलसी, ब्लड ग्रुप, ब्लड शुगर, ब्लड यूरिया, डेंगू टेस्ट, एचआईवी इत्यादि टेस्ट शामिल हैं।

सरकारी अस्पताल में टेस्ट की रेट लिस्ट
कंप्लीट हिमोग्राम -50 रुपये
एफएनएसी बायोस्पी -125 रुपये
सीरम सोडियम एनए पॉजिटिव -30 रुपये
टोटल लोपिड प्रोफाइल -100 रुपये
सीआरपी -100 रुपये
सीएसएफ ग्लूकोज - 25 रुपये
सीमन रूटीन - 25 रुपये

निर्देशों की कापी मिली तो लागू किए रेट : गर्ग
सामान्य अस्पताल के चिकित्सा प्रभारी डॉ. एनके गर्ग ने बताया कि स्वास्थ्य महानिदेशक की ओर से इससे संबंधित पत्र जारी किया था। पत्र की अनुपालना करते हुए कुछ स्वास्थ्य सेवाओं की फीस बढ़ा दी गई है। कुछ सेवाएं अभी भी नि:शुल्क ही हैं।
विज्ञापन

भाजपा जनविरोधी सरकार : भुक्कल
शहर विधायक गीता भुक्कल ने कहा कि जनविरोधी सरकार की जनता के प्रति मंशा ठीक नहीं है। भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यकाल में मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना के तहत दवाइयां, टेस्ट फ्री किए जाते थे। भाजपा को आम जनता से कोई सरोकार नहीं है, केवल पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने का काम कर रही है। टेस्ट की कीमतें तय करके सरकार ने गरीब जनता के जेब पर डाका डाला है। इसका जवाब जनता आगामी चुनाव में जरूर देगी।

फोटो 5 से 7
एमएलआर के 250 रुपये तो प्रतिलिपि के लिए देने होंगे अब 100 रुपये
-आम आदमी के लिए अब सरकारी अस्पताल में नहीं रहा मुफ्त इलाज
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें