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32 एमएम औसतन बारिश से पांच डिग्री गिरा तापमान, मौसम हुआ सुहाना

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सड़क पर भरे पानी के बीच से गुजरती गाड़ियां। - फोटो : Jhjhar
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क्षेत्र में रविवार की अल सुबह आसमान में छाए बादल जमकर बरसे। बारिश होने से तापमान भी औंधे मुंह गिरा और मौसम पूरी तरह से सुुहाना हो गया। रात दो बजे से सुबह नौ बजे तक रूक-रूक कर बारिश का दौर जारी रहा। बारिश के साथ चली ठंडी हवाओं के कारण दिन भर मौसम पूरी तरह से सुहाना रहा। लोगों को कुछ हद तक गर्मी से राहत मिल गई है। फिलहाल मौसम पूरी तरह से साफ है। क्षेत्र में करीब 32 एमएम औसतन बारिश हो चुकी है। बारिश के बाद शहर की सड़कों पर नहर की तरह पानी बह रहा था। शहर एक बार तो पूरी तरह जलमग्न दिखाई दिया। लेकिन करीब तीन घंटे बाद जलभराव कम होने लगा था। वहीं तापमान में भी पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। शनिवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं रविवार को तापमान में गिरावट आकर 35 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था।
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- निचले इलाकों में भरा पानी
शहर में सड़कों व गलियों में पानी भर गया था। पानी की वजह से दुपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पानी के अंदर से निकलते समय सड़कों पर भरे पानी के बीच बाइक व दुपहिया वाहन बंद होने की वजह से लोगों को धक्के मार कर वाहनों को बाहर निकालना पड़ा। वहीं महिलाओं को भी पानी के बीच से गुजरते हुए देखा गया। शहर के पुराने बस स्टैंड, माता गेट, आंबेडकर चौक, बिकानेर चौक, सदर पुलिस थाने के सामने से गुजरने वाले रोड सहित विभिन्न स्थानों पर पानी भरने से परेशानी बढ़ गई थी। लेकिन दोपहर से पहले ही पानी की निकासी हो गई थी।
- 25 हजार हेक्टेयर भूमि में बोया बाजरा, फसलों को होगा फायदा
जिले में करीब 25 हजार हेक्टेयर भूमि में बाजरे की फसल बोई जा चुकी है। जिन किसानों ने एक-दो दिन पहले ही बाजरे की फसल बोई थी उन किसानों की फसलों को बारिश की वजह से नुकसान हो गया है। किसानों को अब दोबारा से फसलों की बिजाई करने पर मजबूर होना पड़ेगा। वहीं धान की रोपाई का कार्य भी तेजी से चल रहा है। जिले में बारिश न होने के कारण अब बाजरा की फसल में पानी की कमी साफ दिखाई दे रही थी। लेकिन क्षेत्र में शनिवार की रात से हुई बारिश के बाद फसलें एकबार फिर से लहला उठी हैं।
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मानसून की बारिश से ही किसानों की फसलों को फायदा होगा। अब तेजी से किसान बाजरे की फसल की बिजाई कर रहे हैं। धान की रोपाई भी चल रही है।
- डॉ. इंद्र सिंह, डीडीए, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, झज्जर।
नालों की सफाई का कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है। सभी नालों का जुड़ाव सीवर से किया जा चुका है। रात के समय व अल सुबह हुई बारिश के पानी की जल्द ही निकासी हो गई थी।
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- अरूण कुमार नांदल, सचिव, नगर पालिका, झज्जर।
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