अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। कॉमनवेल्थ की गोल्ड और वर्ल्ड चैंपियनशिप अंडर-23 की सिल्वर मेडलिस्ट रितू फौगाट ने भारत को मिक्स मार्शल आर्ट (एमएमए) की वर्ल्ड चैंपियनशिप बेल्ट दिलाने के लिए कुश्ती छोड़ दी है। एमएमए के दांव-पेच बारीकियां सीखने के लिए रितू इस समय सिंगापुर में ट्रेनिंग ले रही है। रितू को वर्ल्ड की सबसे प्रमुख एमएमए ऑर्गेनाइजेशन इवोल्व ट्रेनिंग दे रही है। एमएमए की ट्रेनिंग लेने वाली रितू पहली भारतीय महिला पहलवान है। रीतू के पिता द्रोणाचार्य अवॉर्डी महावीर फौगाट ने भी फैसले का समर्थन किया। रितू ने बताया कि लंबे समय से वह एमएमए देख रही है। उसे यह खेल दिलचस्प लगा। भारत को इस खेल में आगे लाने के उद्देश्य से ही उसने यह फैसला लिया है। द्रोणाचार्य अवॉर्डी महावीर फौगाट की चार बेटियों में रितू सबसे छोटी हैं। बड़ी बहन गीता और बबीता फौगाट नामी पहलवान हैं। रितू भी बहनों के नक्शेकदम पर चलते हुए राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 20 से अधिक पदक जीत चुकी हैं। 2016 में आयोजित कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में रितू ने देश को गोल्ड और 2019 में आयोजित सीनियर अंडर-23 वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल दिलाया था। कुश्ती मेट पर परचम लहराने के बाद रितू ने अब मिक्स मार्शल आर्ट में भी देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने की ठान ली है।
वन चैंपियनशिप के लिए कर रही हूं तैयारी : रितू
रितू फौगाट ने बताया कि एमएमए की वन चैंपियनशिप के लिए वह तैयारियां कर रही है। इसके लिए उसने इवोल्व एमएमए ऑर्गेनाइजेशन के साथ समझौता किया है। यह ऑर्गेनाइजेशन ही उसे वन-चैंपियनशिप के लिए तैयारी करेगी।
अमर उजाला से बातचीत में रितू ने बताया कि पिछले 15 सालों में ही एमएमए की तरफ कई देशों के खिलाड़ियों का रुझान बढ़ा है, लेकिन भारत बहुत पीछे है। देश को पहली वर्ल्ड चैंपियनशिप बेल्ट दिलाने के लिए दो माह पहले ही यह फैसला लिया था। इसके बाद पिता महावीर और परिजनों के सामने इच्छा जाहिर की तो उन्होंने समर्थन किया। वहीं, रितू का कहना है जब तक ट्रेनिंग चलेगी, वह कुश्ती से दूरी बनाए रखेंगी। उनसे पहले भारत के किसी अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पहलवान ने कुश्ती छोड़कर मिक्स मार्शल आर्ट की तरफ रुझान नहीं दिखाया।
कई खेलों का मिश्रण है एमएमए
रितू ने बताया कि एमएमए कई खेलों का मिश्रण में है। इसमें कुश्ती, वुशु, किक बॉक्सिंग, मार्शल आर्ट सहित अन्य खेलों की तकनीक काम आती है। इन खेलों की तकनीकों में महारत हासिल करने के लिए वह इवोल्व ऑर्गेनाइजेशन से जुड़ी हैं। इस ऑर्गेनाइजेशन ने कई वर्ल्ड चैंपियन तैयार किए हैं। बता दें कि रितू भारत की फ्री स्टाइल कुश्ती लड़ने वाली महिला पहलवान है।
बेटी का है फैसला है, मैं साथ हूं : महावीर
रितू का रुझान एमएमए की तरफ काफी समय से था। अब उसने देश को एमएमए वर्ल्ड चैंपियन बनाने के लिए ये फैसला लिया है। रितू ने तैयारियां शुरू कर दी है। बेटी के इस फैसले में मैं उसके साथ हूं। मुझे उम्मीद है कि रितू देश को एमएमए चैंपियनशिप बेल्ट दिलाने का सपना जल्द पूरा करेगी।