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साढ़े छह लाख से बनी फुटपाथयुक्त पार्किंग पर रेहड़ीधारकों का कब्जा, दो साल बाद भी नप ने नहीं हटाया

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अमर उजाला ब्यूरो
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चरखी दादरी। पुराना बस स्टैंड पर बेपटरी ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार और दोपहिया वाहन चालकों को राहत देने के लिए नगर परिषद ने साढ़े छह लाख खर्च कर फुटपाथ युक्त पार्किंग बनाई थी। दो साल पहले पार्किंग बनते ही रेहड़ीधारकों ने यहां कब्जा जमा लिया और नगर परिषद भी इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही। इसके चलते बाजार में खरीदारी करने आने वाले लोगों को अपने वाहन सड़क पर ही खड़ा करना पड़ रहा है। इससे ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित रहती है। अमर उजाला टीम ने जब इस मामले से नप चेयरमैन को अवगत कराया तो उन्होंने सोमवार को ही यहां से रेहड़ियां हटवाने का दावा किया।
करीब दो साल पहले तत्कालीन एमई सुंदर श्योराण ने मंगल मार्केट के समीप कच्ची पड़ी नगर परिषद की जगह को पक्का कराने की प्लानिंग तैयार की थी। इसके बाद इसमें थोड़ा फेरबदल कर यहां फुटपाथयुक्त पार्किंग बनाने की योजना तैयार की गई। इसका डिजाइन इस तरह बनाया गया कि दोपहिया वाहन भी यहां खड़े हो जाए और लोग पार्किंग के तीन तरफ बने फुटपाथ पर चलकर दुकानों में जा सके। दो भागों में इस पार्किंग का निर्माण कराया गया था। निर्माण कार्य पूरा होते ही रेहड़ीधारकों ने इसके अंदर अपनी रेहड़ियां खड़ी करनी शुरू कर दी। वहीं, कुछ दुकानदार तो अपनी गाड़ियां यहां खड़ी रखते हैं जिससे दुपहिया वाहन खड़े करने की जगह ही नहीं बचती।
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पार्किंग में रेहड़ियां लगने से वाहनों को सड़क पर ही पार्क करना पड़ता है और कई दफा दोनों तरफ वाहन खड़ा होने पर आवाजाही का रास्ता आधा ही रह जाता है। इसके चलते मार्ग वन-वे हो जाता है और लंबी कतार तक लग जाती है। कई दफा यह कतार कोर्ट के गेट और दूसरी तरफ लाजपत राय चौक तक जा पहुंचती है। वहीं, लाखों खर्च करने के बाद भी नगर परिषद अपनी जगह से रेहड़ियों को नहीं हटा रही जिसके चलते मिनी पार्किंग सुविधा का लाभ बाजार आने वाले दुपहिया वाहन चालकों को नहीं मिल पा रहा। खास बात यह है कि रेहड़ीधारकों द्वारा फेंका कचरा भी नप सफाई कर्मचारी ही यहां से उठाते हैं।

पार्किंग शुरू कराने की नहीं ली किसी ने जिम्मेदारी
करीब दो साल पहले बनाई गई पार्किंग के बाद भी पुराना बस स्टैंड क्षेत्र में व्यवस्था पहले जैसी ही है। नगर परिषद द्वारा खर्च किए साढ़े छह लाख रुपयों का लाभ कुछ रेहड़ीधारक उठा रहे हैं। वहीं, पार्किंग निर्माण के बाद से ही किसी अधिकारी ने यहां प्लानिंग मुताबिक व्यवस्थाएं बनाने की जहमत नहीं उठाई। इसका फायदा पिछले दो साल से रेहड़ीधारक या दुकानदार सामान रखकर उठा रहे हैं।
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मंगल मार्केट की फुटपाथयुक्त पार्किंग पर अगर रेहड़ियां लग रही हैं तो सोमवार को ही हम इन्हें हटवा देंगे। यह पार्किंग दोपहिया वाहन खड़े करने के लिए बनवाई गई थी। यहां रेहड़ियां नहीं लगाने दी जाएंगी। - संजय छपारिया, चेयरमैन, नगर परिषद
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