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हड़ताल का असर: शहर से नहीं हुआ 30 टन कचरे का उठान, विभागों में काम नहीं बनने से लोग रहे परेशान

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चरखी दादरी। सर्व कर्मचारी संघ के आह्वान पर दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन सरकारी कार्यालयों में कामकाज काफी हद तक प्रभावित रहा। दिपावली से एक हफ्ते पूर्व नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने पर मंगलवार को शहर से करीबन 30 टन कचरे का उठान नहीं हो पाया। इसके चलते दिनभर कचरा डंपिंग प्वाइंटों पर सड़ता रहा। वहीं, बिजली निगम और जन स्वास्थ्य विभाग कार्यालयों में ही हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। सभी विभागों के 1484 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इनमें 1370 कर्मचारी पक्के जबकि 114 कर्मचारी कच्चे हैं। बिजली निगम में अलग-अलग काम करवाने पहुंचने वाले लोग कुर्सियां खाली देखकर मायूस ही लौट गए। वहीं, शहर में कुछ जगहों पर बिजली फॉल्ट आने से लोगों को परेशानियां भी झेलनी पड़ी। हालांकि निगम अधिकारियों ने सूचना मिलने के कुछ देर बाद ही वैकल्पिक व्यवस्था कर बिजली फॉल्ट ठीक करवा दिए। वहीं, जन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी हड़ताल पर होने के चलते कुछ हद तक जहां पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई तो वहीं सीवर ब्लॉकेज की शिकायतों का भी दिनभर समाधान नहीं हो पाया।
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रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के समर्थन में उतरी सर्व कर्मचारी संघ ने दो दिवसीय हड़ताल में शामिल होने का आह्वान विभिन्न विभागों के कर्मचारियों और अधिकारियों से किया था। इस पर मंगलवार को शिक्षा विभाग से लेकर करीब 20 विभागों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। हालांकि कुछ विभागों को छोड़कर बाकी के कम कर्मचारी हड़ताल में शामिल होने से नियमित दिनचर्या की तरह की कामकाज हुए। सीधे आमजन से जुड़े स्वास्थ्य विभाग, बिजली निगम, जन स्वास्थ्य विभाग, आंगनबाड़ी वर्कर और आशा वर्करों की बात करें तो इनके हड़ताल में शामिल होने से लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ी। इनके हड़ताल में शामिल होने से कार्यालयों में व्यवस्थाएं चरमराई रहीं और लोगों को घर लौटना पड़ा। सर्व कर्मचारी संघ पदाधिकारियों की मानें तो हर विभाग से 40 से 90 प्रतिशत तक स्टाफ हड़ताल पर रहा और इसके चलते कामकाज काफी हद तक प्रभावित रहे। कर्मचारी नेताओं की मानें तो विभिन्न विभागों के कर्मचारी रोडवेज हड़ताल के समर्थन में आए और इसके चलते करीब 100 सेवाएं प्रभावित रहीं। इन विभागों के कर्मचारी सुबह नौ बजे ही रोज गार्डन पहुंचना शुरू हो गए थे।

100 कर्मचारी हड़ताल पर जाने से नप का कामकाज रहा ठप
नगर परिषद के 100 कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए। इनके 33 पक्के, 21 कच्चे और 46 अनुबंधित कर्मचारी शामिल हैं। इसके चलते शहर से कचरे का उठान नहीं हो पाया। शहर में बने करीब 25 डंपिंग प्वाइंटों से कूड़ा नहीं उठने के चलते लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ी। वहीं, सड़क तक कूड़े के ढेर पहुंचने से वाहन चालक भी परेशान रहे। गांव कितलाना के करीब 10 ग्रामीण सुबह करीब साढ़े नौ बजे ट्रांसफार्मर की समस्या के लिए निगम कार्यालय पहुंचे। ग्रामीण राकेश, राजबीर, जुगबीर, अमित, मंगल, रामफल, सागर, इंद्रपाल, तेजेंद्र और रामौतार ने बताया कि उनकी बस्ती का चार माह से ट्रांसफार्मर जला हुआ है। अधिकारियों ने उन्हें आम मिलने के लिए बुलाया था। कोई कार्यालय में मौजूद ही नहीं मिला। शहर निवासी रवि, अंकित, मोनिका, ज्योति और सावित्री ने बताया कि उनके वार्ड में सीवर लीकेज की समस्या है और इसके समाधान के लिए वो विभाग के दफ्तर पहुंचे थे लेकिन हड़ताल का पता चलने पर वापस ही जा रहे हैं।
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कुछ विभागों में व्यापक असर होने से चरमराई व्यवस्थाएं
मंगलवार को पीडब्ल्यूडी, बिजली निगम, जन स्वास्थ्य विभाग, नगर परिषद, अध्यापक संघ, स्वास्थ्य विभाग विभागों के कर्मचारी रोडवेज कर्मियों के समर्थन में रोज गार्डन पहुंचे। शिक्षा विभाग में दादरी ब्लॉक एक से 39 कर्मचारी हड़ताल पर रहे इनमें 33 शिक्षक, पांच क्लर्क व एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल है। इसके अलावा ब्लॉक दो से 116 कर्मचारी हड़ताल पर रहे और इनमें 107 शिक्षक शामिल हैं। जन स्वास्थ्य विभाग के 189 कर्मचारियों में से 113 और बिजली निगम के 22 रेगुलर कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए। इसके अलावा धनासरी, खरकड़ी व घिकाड़ा के सरपंच भी समर्थन देने पहुंचे।
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