झज्जर। बाजरा खरीद को लेकर कृषि मंत्री ओपी धनखड़ का मंगलवार को किया गया निरीक्षण केवल औपचारिक निकला। उनके निरीक्षण से न तो अधिकारियों के तेवर बदले और न ही किसानों को इसका कोई फायदा मिला। बाजरा खरीद के लिए अधिकारियों ने बुधवार की शाम पौने चार बजे तक इंतजार करवाया। इसके बाद वेयर हाउस के मैनेजर अजय बैनीवाल मार्केट कमेटी के सचिव के साथ मंडी में पहुंचे। दुकान नंबर एक से बाजरा खरीद की प्रक्रिया शुरू की गई लेकिन पहली ही ढेरी को डिस कलर बताते हुए उसे रिजेक्ट कर दिया। इसी तरह एक-दो और ढेरियों को रिजेक्ट किया गया तो किसानों व आढ़तियों का पारा सातवें आसमान पर चला गया।
गुरुग्राम मार्ग पर लगाया जाम
किसान व आढ़ती खरीद का बहिष्कार करते हुए गुरुग्राम मार्ग पर ट्रैक्टर-ट्राली लेकर पहुंच गए। किसानों ने मार्ग को अवरुद्ध कर दिया। करीब बीस मिनट के बाद एसडीएम विजय सिंह मौके पर पहुंचे। उनके द्वारा करीब दस मिनट तक किसानों को समझाने के बाद जाम खुल पाया। किसानों व आढ़तियों को खरीद के लिए वे मंडी वापस लेकर गए। जहां पर उन्होंने खरीद शुरू करवाई।
तीन आढ़तियों का फिर भी नहीं खरीदा बाजरा
वेयर हाउस के मैनेजर अजय बैनीवाल ने पटवारी की रिपोर्ट नहीं होने का हवाला देकर तीन आढ़तियों का बाजरा नहीं खरीदा। जिस पर एसडीएम विजय सिंह ने मौके पर ही पटवारी बुलाने की बात कही गई लेकिन मैनेजर वहां से चले गए। जिसके बाद उन्होंने अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया। इन तीन आढ़तियों में प्रदर्शनकारी किसानों का नेतृत्व करने वाले इनेलो नेता हरेंद्र सिलाना, बलजीत गुलिया तथा नरेंद्र धनखड़ शामिल हैं।
वेरिफिकेशन रिपोर्ट नहीं हुई ऑनलाइन
किसानों के द्वारा दर्ज करवाए गए ब्योरे की रिपोर्ट को वेरिफिकेशन करते हुए पटवारियों द्वारा ऑनलाइन करना था। लेकिन बुधवार को भी यह कार्य नहीं हो पाया। जिसके चलते केवल 500 क्विंटल बाजरे की ही खरीद हो पाई। ये भी वो किसान हैं, जिन्होंने अपने गेट पास पर पटवारी से वेरिफिकेशन करवा कर वेयर हाउस को दी है।
आढ़ती चांद पहलवान ने बताया कि मंत्री धनखड़ ने बाजरे की हर क्वालिटी को खरीदने के आदेश दिए थे लेकिन वेयरहाउसके अधिकारी इस बात को मान नहीं रहे। ऐसे में किसानों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। इसी के चलते दुखी किसानों व आढ़तियों ने जाम लगाया था।
मंत्री ओपी धनखड़ ने मौखिक तौर पर एक बार ऐसा कहा था लेकिन बाद में उन्होंने आदेश दिए थे कि क्वालिटी के साथ कोई समझौता नहीं करने की बात कही थी। उन्हीं के आदेशों के कारण उन्होंने क्वालिटी बेहतर नहीं होने के चलते रिजेक्ट किया था।
अजय बैनीवाल, वेयर हाउस मैनेजर।
उन्हें जाम लगने की सूचना मिली थी, जिस पर वे मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाया। किसानों ने उनकी बात मानकर जाम खोल दिया। जिसके बाद खरीद नियमित रूप से शुरू करवाई गई। किसानों को दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
विजय सिंह, एसडीएम, झज्जर।