चरखी दादरी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को शहर के घरों में जाकर पानी की टंकियों की जांच की। इस दौरान छह स्थानों पर पानी के बर्तनों में लारवा मिला। विभाग टीम ने संबंधित मालिकों को नोटिस थमाए हैं। इसके साथ ही उन्हें पानी के निस्तारण के निर्देश देकर भविष्य में लारवा मिलने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। विभागीय टीम ने करीब डेढ़ दर्जन मकानों में जाकर पानी के बर्तनों की जांच की।
स्वास्थ्य विभाग निरीक्षक जगदीश कुमार, इंद्रजीत, संजय, अनिल कुमार, ज्ञान प्रकाश, दीपक व विकास की टीम ने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर शुक्रवार को पानी के सैंपल लिए। इस दौरान टीम सदस्यों ने झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों को एकत्र कर उन्हें मलेरिया, चिकनगुनिया, डेंगू और वायरल से बचाव के बारे में जानकारी दी। निरीक्षक जगदीश कुमार ने बताया कि झुग्गियों की नियमित रूप से सफाई करें। पानी के बर्तनों को ढककर रखें। अपने समीप के क्षेत्र में सफाई रखे ताकि मच्छर आदि पैदा न होने पाए। निरीक्षक जगदीश कुमार ने बताया कि टीम ने बस्ती निवासियों के पानी के बर्तनों की जांच की। इस दौरान छह स्थानों पर बर्तनों के पानी में लार्वा मिला। उन्होंने संबंधित मालिकों को इस बारे में नोटिस थमाए हैं। निरीक्षक ने बताया कि टीमें शहर के विभिन्न भागों में घरों में जाकर पानी की जांच कर रहे हैं ताकि लोग जल जनित बीमारियों से बच सके। उन्होंने कहा कि बारिश की वजह से जलभराव होने पर मच्छरों की भरमार से मलेरिया बढ़ने का भी अंदेशा बना रहता है। वायरल का प्रकोप भी बढ़ जाता है।
इमलोटा गांव में पहुंचे सीएमओ, सामान्य मिली स्थिति
सीएमओ वीरेंद्र यादव ने जिला उपायुक्त के आदेशों पर शुक्रवार को इमलोटा रगांव में जाकर पीएचसी का निरीक्षण किया। जलभराव के चलते जिला प्रशासन को यहां मलेरिया, डेंगू व डायरिया फैलने का अंदेशा था। निरीक्षण कर लौटे सीएमओ ने बताया कि पीएचसी में जलभराव के बावजूद ओपीडी सामान्य मिली। उन्होंने बताया कि यहां जलजनित बीमारियों का प्रकोप नजर नहीं आया और पीएचसी की ओपीडी आम रुटीन की तरह ही मिली। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों को कतई चिंतित होने की जरूरत नहीं है।