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बिजली निगम ने जारी किया सर्कुलर, डिफाल्टरी तुड़वाने के लिए 30 दिन का समय

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अमर उजाला ब्यूरो
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झज्जर। बिजली बिलों पर सरकार की तरफ से सब्सिडी को लेकर की गई घोषणा को अमलीजामा पहनाने के लिए बिजली निगम ने सर्कुलर जारी कर दिया है। लेकिन लोग इस योजना को सरकार का रिकवरी प्लान बता रहे हैं। किसान नेताओं का कहना है कि सरकार केवल घोषणा करती है। चार साल तक बिजली बिलों की दर बढ़ाकर जनता को लूटा है और अब सरकार ने पैसा एकत्रित करने के लिए यह रिकवरी प्लान तैयार कर दिया है। ताकि डिफाल्टर लोग भी सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए बकाया बिलों का भुगतान कर दें। सरकार ने घरेलू और गैर घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिलों को कम करने के लिए सब्सिडी देने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के अनुसार उन सभी घरेलू (बिना सी टी मीटर) और गैर घरेलू (5 किलोवाट से नीचे) उपभोक्ताओं के बिजली बिल एक अक्तूबर के बाद घटे हुए रेट पर जारी किए जाएंगे। जिनके बिजली बिल की कोई राशि बकाया नही होगी और उनका बिजली मीटर इलैक्ट्रॉनिक होगा एवं घर के बाहर पोल पर लगा होगा। घरेलू उपभोक्ता अपना मीटर 31 मार्च 2019 तक बाहर निकलवा सकते हैं। आवेदन के 30 दिन के भीतर मीटर बदल कर बाहर लगा दिया जाएगा। ऐसे उपभोक्ता जिनके बिल की राशि बकाया है, उन्हें अपने बिल क्लीयर करने के लिए एक बिल माफी योजना लागू की जा रही है।
इन शर्तों का करना होगा पालन :
1. 17 जून 2005 से पहले की यदि कोई राशि बकाया थी, उसे कम कर दिया जाएगा।
2. अन्य उपभोक्ता जो 16 जून 2005 के बाद डिफाल्टर हुए थे, उनका बिजली का बिल ओवरआल किया जाएगा। जिनमें ग्रामीण घरेलू 40 यूनिट/किलोवाट/महीना, शहरी घरेलू 50 यूनिट/किलोवाट/महीना, ग्रामीण गैर घरेलू 75 यूनिट/किलोवाट/महीना, शहरी गैर घरेलू 150 यूनिट/किलोवाट/महीना हो।
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3. इस तरह से जो भी राशि देय होगी, उसे अदा करने के साथ-साथ उपभोक्ता का मीटर इलेक्ट्रॉनिक लगाया जाएगा। यह मीटर घर के बाहर पोल पर ही लगाया जाएगा।
4. बीपीएल उपभोक्ता को ये राशि सिर्फ एक साल की ही जमा करनी होगी चाहे वो कभी से बिल न भर पाया हो।
5. अन्य उपभोक्ता इस राशि को एक मुश्त या 6 किस्तों में जमा कर सकते हैं। सब्सिडी का लाभ उपभोक्ता को पहली किस्त जमा करने के साथ ही दे दिया जाएगा यदि अन्य शर्तें पूरी हों।
6. इस दौरान यदि उपभोक्ता पर कोई बिजली चोरी का जुर्माना डाला गया हो, उसका जुर्माना आधा कर दिया जाएगा और कमपाउंडिंग फीस पूरी जमा कराई जाएगी।
7. यदि किसी उपभोक्ता का कोई मुकदमा चल रहा हो तो उसे मुकदमा वापस लेने पर ही सब्सिडी दी जाएगी।
8. उपभोक्ता को अपना केवाईसी डेटा निगम में जमा करना होगा ताकि उसे सब्सिडी का लाभ दिया जा सके।
9. इसके पश्चात उपभोक्ता सब्सिडी की दरों का पात्र बन जाएगा और उसके आगे के बिल कम दरों पर आने शुरू हो जाएंगे। यदि मासिक खपत 500 यूनिट से ज्यादा होगी तो सब्सिडी का कोई लाभ नही मिलेगा।
10. सब्सिडी का लाभ 1.10.18 या योजना की सभी शर्तें पूरा करने के बाद ही दिया जाएगा।
वर्जन :::
बिजली निगम की तरफ जारी सर्कुलर तुरंत प्रभाव से जारी कर दिया गया है। योजना के अनुसार बिजली बिल 30 जून 2018 तक के ही माफ किए जाएंगे। इसके बाद के बिल पूरे ही जमा करने होंगे।
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- संदीप जैन, एसई, बिजली निगम झज्जर।

सरकार ने लोगों को चार साल तक लूटने के बाद अब लोगों से बिल भरवाने का नया तरीका अपनाया है। लोगों को बिजली का बिल तो भरना ही चाहिए। लेकिन बकाया बिजली बिलों में लोगों को राहत दी जाती तो लोगों को इसका लाभ मिलता। सरकार अडानी ग्रुप से बिजली खरीदती है और फ्यूल सरचार्ज आदि लोगों पर थोपे जा रहे हैं। जबकि जब बिजली खरीदी जाती है तो उस समय सभी चार्ज उसमें शामिल होते हैं। जो यूनिट के चार्ज होते हैं उसे कहीं अधिक सरचार्ज लोगों से वसूले जा रहे हैं।
- जय प्रकाश बैनीवाल, किसान नेता, झज्जर।
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