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फिरौती न देने पर फैक्टरी संचालक की हत्या करने वाले को उम्र कैद

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फिरौती न देने पर फैक्टरी संचालक की हत्या करने वाले को उम्र कैद
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झज्जर। बहादुरगढ़ सदर पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले खैरपुर गांव में एक फैक्टरी संचालक की दो हजार रुपये फिरौती न देने पर गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। करीब ढाई साल तक चली अदालती सुनवाई के बाद अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। आरोपी को दोषी करार देने के बाद सत्र न्यायाधीश जज कमल कांत की अदालत ने दोषी को उम्र कैद व 20 हजार रुपये की सजा सुनाई है। मामले में खास बात यह रही कि जिस रिवाल्वर से फैक्टरी संचालक की हत्या की गई थी। वह रिवाल्वर दिल्ली पुलिस के जवान से दिल्ली के कंझावला क्षेत्र से करीब चार घंटे पहले ही छीनी गई थी। जिसका मामला भी दिल्ली के कंझावला पुलिस थाने में दर्ज किया हुआ है।

13 मई 2016 को की गई थी हत्या
गौरतलब है कि जगदीश पुत्र जिले सिंह निवासी खैरपुर ने पुलिस को बयान दिया था कि उसने गांव खैरपुर पंजाबखोड़ रोड पर बैट्री स्क्रैप की फैक्टरी है। 13 मई 2016 वह अपनी फैक्टरी के सामने सड़क पर खड़ा था उस समय एक नौजवान लड़का पंजाबखोड़ (दिल्ली) की तरफ से आया और उससे कहने लगा कि मेरे पास पैसे नहीं हैं मुझे 2000 रुपये दो। जिस पर उसने रुपये देने से इंकार कर दिया। उसके इंकार करने पर उस नौजवान लङ़के ने कहा कि उसे खैरपुर छोड़ कर आओ। जिस पर वह उसे अपनी मोटरसाईकिल पर बिठाकर खैरपुर गांव के जोहड़ के पास छोड़ आया। कुछ समय बाद वह लङ़का फिर मेरी फैक्टरी पर आया और कहने लगा कि मुझे पंजाबखोड़ तक छोड़कर आओ उसके मना करने पर वह पैदल चिराग इंटरप्राइज फैक्टरी खैरपुर पर पहुंचा।
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फैक्टरी के मुंशी सतबीर से लड़ाई झगड़ा की सूचना पाकर जब वह वापस चिराग फैक्टरी पहुंचा तो पता चला कि उस लड़के ने रोहतक के भाली निवासी सुनील उर्फ काला से 2000 रुपये मांगे और पंजाब खोड़ तक छोड़ कर आने के लिए कहा था। जिस पर सुनील ने लड़के को पैसे देने से मना कर दिया और पैसे देने से मना करने पर उसनेे सुनील उर्फ काला को गोली मार दी और वहां से भाग गया। इसके बाद घायल काला को सामान्य अस्पताल बहादुरगढ़ ले जाया गया। जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

जांच में ये आया सामने
पुलिस ने तफतीश के दौरान 17 मई 2016 को दिल्ली के कंझावला क्षेत्र के टटेसर गांव के जसविंद्र उर्फ मोनू उर्फ मेंटल को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने जब उसे अदालत में पेश किया तो उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर सौंपा गया था। पुलिस पूछताछ के दौरान घटना में प्रयोग की गई पिस्तौल दिल्ली पुलिस के जवान कटेवड़ा दिल्ली निवासी संदीप कुमार की मिली। जिसका मामला दिल्ली के कंझावला थाने में दर्ज करवाया हुआ था। अदालत ने उसे धारा 302 के तहत उम्र कैद व दस हजार रुपये जुर्माना, धारा 386 के तहत पांच साल की कैद और 5 हजार रुपये जुर्माना, आर्मज एक्ट के तहत तीन साल की कैद और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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अदालत से पीड़ित पक्ष को 80 लाख रुपये मुआवजा दिलाने के लिए अदालत से आग्रह किया था। लेकिन इसके लिए अदालत ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में जाने के लिए कहा है। अब इसके लिए आगामी कार्रवाई शुरू की जाएगी। फिलहाल दोषी को अदालत नशे उम्र कैद व विभिन्न धाराओं के तहत 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई
है। - सुधीर मोहन, अधिवक्ता, अभियोजन पक्ष।
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