अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। कोर्ट परिसर में करीब ढाई माह पहले हुआ चौकीदार सत्यवान हत्याकांड में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से क्षुब्ध होकर दलित संगठनों ने शनिवार को शहर में प्रदर्शन किया। इसके बाद लघु सचिवालय पहुंचकर डीएसपी को ज्ञापन सौंपा। इससे पहले मृतक की मां ने प्रदर्शन के दौरान लघु सचिवालय में तैनात पुलिस कर्मियों को चूड़ियां दिखाकर अपने रोष का इजहार किया। डीएसपी ने इस मामले में जहां उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है तो वहीं दलित संगठनों ने 20 अगस्त तक गिरफ्तारी न होने पर 21 से आमरण अनशन शुरू करने की चेतावनी भी प्रशासन को दी है।
वंचित दलित कमेरा वर्ग एवं सर्व समाज के लोगों सहित मृतक सत्यवान के परिजन शनिवार दोपहर करीब डेढ़ बजे शहर में प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। इस दौरान लोगों ने अपनी नाराजगी का इजहार पुलिस के खिलाफ नारेबाजी के साथ किया। ये लोग जब ज्ञापन देने लघु सचिवालय पहुंचे तो मृतक की मां आपा खो बैठी और उसने हाथों से चूड़ियां निकाल लीं और इन्हें पुलिस कर्मियों की तरफ आगे बढ़ाया। इसी दौरान प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे लोगों ने मृत के परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया और इसके बाद डीएसपी को अपनी मांगों संबंधी ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन के जरिए दलित संगठनों ने बताया कि सत्यवान कोर्ट परिसर में वकीलों के चैंबर की सुरक्षा के लिए चौकीदार नियुक्त था और गत 27 मई की शाम उसकी कोर्ट परिसर में पीटकर हत्या की गई थी। इस हत्याकांड में कोर्ट परिसर के कुछ वकील भी शामिल थे और पुलिस ने छह लोगों पर केस दर्ज किया था। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को ही गिरफ्तार किया था जिसमें से एक को छोड़ दिया गया। पुलिस से बार-बार इस विषय में कार्रवाई की मांग परिजन कर चुके हैं। दलित संगठनों ने इस मामले में एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई करने की भी पुलिस से मांग की। इस दौरान मृतक के परिजनों को अनुदान राशि देने की भी मांग की गई। इस मौके पर भट्टा मजदूर यूनियन, कामगार सभा, जनवादी महिला सभा, कामरेड ओमप्रकाश, सतपाल, जयभगवान ने चेतावनी दी कि अगर 20 अगस्त तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो 21 अगस्त से मृतक के परिजन व संगठन के सदस्य उपायुक्त कार्यालय के समक्ष आमरण अनशन शुरू कर देंगे।