अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर। जाट आरक्षण से जुड़े मामलों में गिरफ्तारी शुरू होने के बाद जाटों ने रविवार को सर छोटूराम धर्मशाला में मीटिंग बुलाई। मीटिंग की अध्यक्षता जिला प्रधान जितेंद्र बबला ने की। बैठक के दौरान उपस्थित जाट समुदाय को लोगों ने शुरू हुई गिरफ्तारियों को लेकर चर्चा करते हुए कहा कि अगर इनका जवाब नहीं दिया गया तो समाज के लोगों को परेशान किया जाएगा। जिसके लिए 40 लोगों की एक एक्शन कमेटी का गठन किया गया। जो कि जिले में जाट समुदाय के किसी भी व्यक्ति को जाट आरक्षण से जुड़े मामले मेें गिरफ्तारी होने पर एक्शन लेगी। एक्शन कमेटी के सदस्य गिरफ्तारी होने के एक घंटे के दौरान गांवों में जगह-जगह जाम लगवाएंगे और गिरफ्तार किए गए लोगों को रिहा करवाएंगे।
मीटिंग में कादियान खाप के प्रधान बिल्लु कादियान, कैप्टन राज सिंह कादियान, रणधीर वकील, जितेंद्र नारा वकील, होशियार साहब, रामे साहब, चिंटू छारा, तेजबीर बाघपुर, कुलदीप दरोगा, जगबीर भदानी, जगजीत कबलाना, रामकुमार नीलोठी, शमशेर गुढा, देवेंद्र प्रधान मातनहेल, जगत सिंह भदानी, संपूर्ण भदानी, रमेश कादियान चिमनी सहित समाज के मौजिज लोग मौजूद रहे।
11 अगस्त को बेरी में भाईचारा सम्मेलन
जाट आरक्षण सघंर्ष समिति के द्वारा 11 अगस्त को बेरी अनाजमंडी में भाईचारा सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक भी पहुंचेंगे। समिति के प्रधान जितेंद्र बबला ने कहा कि वे भाईचारे को कायम रखने के लिए 36 बिरादरी का सम्मेलन कर रहे हैं, जिसे रद्द करवाने के लिए सरकार जाट समुदाय के अगवा लोगों को गिरफ्तारी करवा रही है। लेकिन सरकार को उनके मंसूबों में कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।