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सरसों खरीद नहीं होने पर किसानों ने छह घटे मंडी को जड़ा ताला, गेट पास जलाकर जताया विरोध

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अमर उजाला ब्यूरो
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चरखी दादरी।
सरसों खरीद न होने पर शनिवार सुबह किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। खरीद एजेंसियों की मनमानी से खफा किसानों ने सुबह 11 बजे अनाज मंडी गेट को ताला जड़ दिया और गेट पास जलाकर अपने रोष का इजहार किया। तालाबंदी की सूचना पाकर सिटी थाना पुलिस और सीटीएम मनीष फौगाट मौके पर पहुंचे। इन्होंने किसानों को आश्वासन देकर समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान सरसों की खरीद होने पर ही ताला खोलने की बात पर अड़े रहे। इस दौरान सीटीएम ने किसानों को जल्द समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया। शाम करीब पांच बजे अनाज मंडी के गेट से ताला खोला गया। वहीं, विधायक राजदीप फौगाट, पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान और युवा कांग्रेस के पूर्व महासचिव राजू मान किसानों को समर्थन देने अनाज मंडी पहुंचे।
एक सप्ताह बीत जाने पर भी खरीद एजेंसियों ने 4000 किसानों की सरसों नहीं खरीदी हैं। इन किसानों को टोकन नंबर जारी किए गए हैं। एजेंसियां प्रत्येक किसान से 25 क्विंटल सरसों की खरीद करेगी। शनिवार को टोकन लेकर किसान सरसों बेचने अनाज मंडी पहुंचे और मंडी में खरीद एजेंसी के अधिकारियों का इंतजार करते रहे। 11 बजे तक सरसों खरीद न होने पर इन किसानों ने नारेबाजी शुरू कर दी और कुछ देर बाद ही मंडी के मेन गेट को ताला जड़ दिया।
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तालाबंदी की सूचना मिलते ही सिटी थाना प्रभारी गौरव कुमार मौके पर पहुंचे और उन्होंने किसानों को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान किसानों ने उनके सामने सरसों खरीद कराने की मांग की। कुछ देर बाद ही सीटीएम मनीष फौगाट मौके पर पहुंच गए। इस दौरान किसानों ने उन्हें बताया कि हैफेड व सोसायटी ने उनकी सरसों खरीदने से मना कर दिया है। वे कई दिनों से मंडी के चक्कर लगा रहे हैं। इस दौरान अधिकारियों व किसानों के बीच कहासुनी भी हुई। एजेंसी अधिकारियों ने बताया कि स्टॉक पूरा होने के चलते उच्चाधिकारियों की तरफ से खरीद बंद करने के आदेश उन्हें मिले हैं।
स्वीकृति मिलने पर होगी खरीद : रामनारायण
हैफेड अधिकारी रामनारायण ने बताया कि उन्होंने 4000 किसानों की सरसों खरीद 30 मई तक करने की अनुमति के लिए पत्र उच्चाधिकारियों को भेज दिया है और स्वीकृति मिलते ही सरसों खरीद शुरू कर दी जाएगी। शाम करीब पांच बजे अनाज मंडी के गेट का ताला खोल दिया गया और इसके बाद ही वाहनों का आवागमन शुरू हो पाया।
एक लाख क्विंटल सरसों की खरीद पेंडिंग
हैफेड अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों से 30 मई तक सरसों खरीद करने की अनुमति मांगी है। इस संबंध में जिला प्रबंध को पत्र लिखा गया है। इस पत्र में स्पष्ट लिखा गया है कि चार हजार किसानों का मैन्युअली रजिस्ट्रेशन किया गया है और 30 मई तक इनकी सरसों खरीदने की अनुमति दी जाए। वहीं, मकड़ाना सहित तीन गांव ऐसे हैं जिनके किसानों की तो अब तक सरसों ही नहीं खरीदी गई है। रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसानों की करीब एक लाख क्विंटल सरसों खरीदी जानी बाकी है।

बोले, किसान : न कर्ज चुका पा रहे और न बच्चों की फीस
- हमारे दो भाईयों की करीब 50 क्विंटल सरसों खरीदने से मना कर दिया है। किसान क्रेडिट कार्ड पर लोन रखा है और सरसों बेचने के बाद ही उसे चुका पाऊंगा।
रविंद्र, बलकरा निवासी।

- पांच दिन से लगातार मंडी आ रहा हूं और 2500 रुपये ट्रैक्टर का किराया दे चुका हूं लेकिन अब तक मेरी सरसों नहीं खरीदी गई। आगामी फसल की बिजाई के लिए बीज खरीदना है, लेकिन जेब में पैसे नहीं है।
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रामबीर, मकड़ानी निवासी।

- सरसों की बिजाई के लिए 50 हजार रुपे का बीज व खाद उधार लिए थे। लेनदार अब दबाव बना रहे हैं और मंडी में सरसों नहीं खरीदी जा रही। मैं तो परेशान हो चुका हूं।
बिल्लू, रासीवास निवासी।

- छह मई से रोजाना मंडी आ रहा हूं और शाम को लौट जाता हूं। बच्चों की फीस भरनी है, लेकिन सरसों की खरीद न होने से रुपये का प्रबंध नहीं कर पा रहा हूं।
धर्मेंद्र, मैहड़ा निवासी।
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