अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
नगर परिषद में अविश्वास प्रस्ताव को लेकर नाकाम रहे विरोधियों पर चेयरपर्सन शीला राठी पक्ष ने मंगलवार को खूब चुटकी ली। चेयरपर्सन और उनके सहयोगी पार्षदों ने प्रेस वार्ता में एक-एक करके विरोधियों के हर आरोप का जवाब दिया। चेयरपर्सन शीला ने तो यहां तक कहा कि उन्हें अब भी इन 15 पार्षदों से कोई द्वेष नहीं है, लेकिन उम्मीद है कि वे अपनी नाकामी से सबक लेकर सोच को बदलेंगे और विकास के विरोधी के बजाय सहयोगी बनेंगे।
नगर परिषद सभागार में नप चेयरपर्सन शीला राठी के साथ जुटे पार्षदों ने विरोधियों पर खूब पलटवार किए। एक स्वर में सभी ने कहा कि जो लोग दूसरों को बार-बार बिकाऊ कह रहें हैं, वे खुद किसके हाथों बिके हुए हैं, यह अब पूरे शहर को मालूम हो गया है।
विकास विरोधियों को व्यक्तिगत विरोध में भी मिली नाकामी : शीला
चेयरपर्सन शीला राठी ने कहा कि जिन पार्षदों को जनता के कार्यों से कोई लेना-देना ही नहीं है, वे अब तक तो विकास में विरोध कर रहे थे लेकिन अब तो उन्हें व्यक्तिगत विरोध में भी नाकाम मिल गई है। जिन्हें दिन-रात और सोते-जागते सिर्फ कुर्सी ही दिखाई दे रही हो, वे जनता का क्या भला कर पाएंगे। मेरी अपनी सोच है कि किसी के गलत कहने से कोई गलत नही होता और खुद को अच्छा बताने से अच्छा नहीं होता। इंसान के कर्म और सोच ही अच्छा बनाते हैं। इसलिए अच्छाई का साथ देना चाहिए। मुझे किसी से कोई द्वेष नहीं है। जनता ने हमें जो जिम्मेदारी दी है, उसे पूरा करना ही मेरा धर्म और कर्तव्य है। अब उम्मीद करती हूं कि विकास का विरोध छोड़कर अब कुछ पार्षद अपनी सोच को बदलेंगे और जनता के कार्यों में सहयोग देंगे।
बिकाऊ बताने वालों ने दिया था लालच : रवि खत्री
परिषद के पूर्व चेयरमैन व पार्षद रवि खत्री ने कहा कि जो लोग दूसरों को बिकाऊ बता रहे थे, उन्होंने प्रलोभन देकर कुछ पार्षदों को खरीदने की कोशिश की थी। पार्षदों को यहां तक कहा गया कि अविश्वास प्रस्ताव में वोट के बदले सात पीढ़ी का जुगाड़ कर देंगे। इस बात से यह समझा जा सकता है कि खरीदने की कोशिश कौन कर रहा था। मगर ज्यादा पार्षदों ने विकास का साथ दिया। अविश्वास प्रस्ताव की कोशिशों का विफल होना विरोधियों के लिए करारा जवाब है। यदि विरोधियों में हिम्मत है तो अब नैतिकता से इस्तीफा देकर जनता के बीच जाएं। यदि इन 15 को जनता ने फिर चुना तो हम चेयरपर्सन से खुद इस्तीफा दिलवा देंगे।
कार्यकाल पूरा करेंगी शीला राठी : युवराज
पार्षद युवराज छिल्लर ने कहा कि जो 15 पार्षद शपथ पत्र देने वाले थे, वे अपने साथ एक और सदस्य भी नहीं जोड़ पाए। सच तो यह है कि इनका कुर्सी के लिए दिमाग खराब हो गया है। इनका विकास से कोई लेना-देना नहीं है। सभी कार्य ऑनलाइन हो रहे हैं। इनमें कहीं गड़बड़ी नहीं है। जिन लाइटों में घोटाला बताया जा रहा है, उसकी कोई पेमेंट ही नहीं हुई। शीला राठी को कांग्रेस नेता भूपेंद्र हुड्डा के आशीर्वाद से परिषद अध्यक्ष बनीं और पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगी। जिस दिन शीला राठी का नाम सांसद की तरफ से फाइनल हुआ था, उसी दिन कुछ लोगों की आंखों में आंसू थे। वही लोग अब भी शहर में रोते घूम रहे हैं। कई दलों के गठबंधन की बात भी औचित्यहीन है।
मेरे खिलाफ प्रस्ताव और मुझसे ही मांग रहे थे वोट : विनोद कुमार
नप के वाइस चेयरमैन विनोद कुमार ने कहा कि विकास विरोधी लोगों की इससे बड़ी बेवकूफी और क्या होगी कि वे मेरे ही खिलाफ प्रस्ताव लाने और मेरी कुर्सी जाने का दावा करके भी मुझसे ही अपने लिए वोट मांग रहे थे। मुझे बरगला रहे थे कि तुझे क्या मिलता है। तेरे हाथ से ही भ्रष्टाचार करवा रहे हैं। इन बातों से स्पष्ट होता है कि पार्षदों को खरीदने की कोशिश कौन कर रहा था। यह भी स्पष्ट हो गया है कि जो बिकाऊ थे वे 15 इकट्ठे हो गए और जो नहीं थे, वे हमारे साथ खड़े हो गए।
मुझे खरीदने की कोशिश की, नहीं माना तो किया दुष्प्रचार : प्रवीण छिल्लर
पार्षद प्रवीण छिल्लर ने कहा कि मुझ पर चार पार्षदों के बदले चार करोड़ मांगने का आरोप लगाया जा रहा है। पहली बात तो विरोधियों ने ही मुझे खरीदने की कोशिश की थी। कई बार मेरे पास एक परिचित को भेजा गया, लेकिन मैने इंकार कर दिया था। फोन पर जो बात हुई वह 17 मिनट से ज्यादा की थी। मगर उसमें कांट-छांट करके सिर्फ उन्हीं बातों की रिकॉर्डिंग वायरल की गई, जो मैंने हंसी-मजाक में कही थी। बिकाऊ लोग ही इस तरह से दूसरों को खरीदने की कोशिश करते हैं और न मानने पर बदनाम करते हैं। मैने जब हर तरह के प्रलोभन को नकार दिया तो मेरे खिलाफ दुष्प्रचार करके विकास विरोधियों ने अपनी नाकामी को छिपाने का प्रयास किया है।
ये भी रहे मौजूद
पार्षद अशोक राठी, पार्षद पति राजेश तंवर, पार्षद पति राजेश खत्री, पार्षद सत्यप्रकाश छिकारा, रवींद्र जाखड़, मनोनीत पार्षद इंद्र नागपाल व संदीप राठी भी प्रेस वार्ता में मौजूद रहे।