अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की बैठक गांव बिरधाना स्थित शिव मंदिर में जिलाध्यक्ष जितेंद्र धनखड़ उर्फ बबला की अध्यक्षता में हुई। जाट प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए बबला ने कहा कि जब तक सरकार जाट आरक्षण के दौरान युवाओं पर दर्ज हुए आपराधिक केस वापस नहीं लेती है, तब तक अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति का आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि 15 फरवरी को जींद में आयोजित भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की रैली का भी विरोध किया जाएगा। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष के हेलीकॉप्टर को जींद की धरती पर नहीं उतरने दिया जाएगा। बबला ने कहा कि सरकार जाट प्रतिनिधियों से हुई बातचीत को पूरा नहीं कर रही है। इससे समाज में अभी भी रोष बना हुआ है। उन्होंने कहा कि अमित शाह की रैली के विरोध में जाट समाज सड़कों पर उतरेगा। 15 फरवरी को जाट आरक्षण संघर्ष समिति के हजारों कार्यकर्ता ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से जींद की ओर रवाना होंगे। उन्होंने चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि अगर प्रशासन ने ट्रैक्टरों को जिस भी स्थान पर रोकने का प्रयास किया तो जाट समाज उसी स्थान पर धरने पर बैठ जाएगा।
बबला ने कहा कि झज्जर, गुरुग्राम व रोहतक के कार्यकर्ता हजारों ट्रैक्टरों पर सवार होकर रोहतक-लाखनमाजरा बाईपास पर एकत्र होंगे। उन्होंने कहा कि जींद रैली के विरोध के लिए जिला के हर गांव में जाकर लोगों से संपर्क किया जा रहा है। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का रजिस्ट्रेशन आरंभ हो चुका है। जिले में अभी तक करीब 200 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का रजिस्ट्रेशन किया जा चुका है। इसके अलावा अन्य वाहनों से भी लोग भारी संख्या में पहुंचेंगे। वहीं, बबला ने बताया कि 18 फरवरी को राशलवाला चौक पर होने वाले बलिदान दिवस के लिए भी लोगों को निमंत्रण दिया जा रहा है। समिति ने वीरवार को दर्जनों गांवों का दौरा करके ग्रामीणों को निमंत्रण दिया।
इस मौके पर जगजीत खोखर कबलाना, बलवान और अभय खेड़ी होशियारपुर, जागेराम सुरेहती, बलबीर बिरधाना, धर्मेंद्र बिरधाना, कृष्ण चंद जैतपुर, जयभगवान गिरावड़, इंद्र बिरधाना, सूरजमल बिरधाना, पंचायत में मौजूद रहे।