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अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी मांगे राष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम

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खिलाड़ी बोले, जिले में बने राष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
प्रदेश सरकार ने जिले के गठन के एक साल बाद जिला स्तरीय मल्टीपर्पज स्टेडियम को मंजूरी दे दी है लेकिन अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी और कोच जिले में राष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम चाहते हैं। खेल विभाग ने स्टेडियम का प्रपोजल तैयार कर डीसी के माध्यम से सरकारी को स्वीकृति के लिए भेजा था। इसे सरकार ने मंजूर कर लिया है। दादरी-दिल्ली रोड पर गांव समसपुर के पास 25 एकड़ में बनने वाले स्टेडियम का मैप तैयार करने के लिए फाइल चंडीगढ़ में आर्किटेक्ट को भेज दी गई है। द्रोणाचार्य अवार्डी एवं कोच महावीर सिंह फौगाट का कहना है कि मामले को राज्य और केंद्र सरकार के खेल मंत्रियों के समक्ष उठाया जाएगा। उधर जिला खेल अधिकारी राजबीर सिंह का कहना है कि खिलाड़ियों और द्रोणाचार्य अवार्डी महावीर सिंह की मांग से आला अधिकारियों को अवगत करा दिया जाएगा।
स्टेडियम निर्माण को लेकर करीब ढाई दशक से अटकलें लगती आ रही हैं। इनेलो सरकार के शासनकाल में शहर के कालेज रोड पर परसराम हेतराम स्कूल के समीप की खाली जमीन पर स्टेडियम के निर्माण के लिए शिलान्यास किया था। बाद में यह मामला खटाई में पड़ गया। तत्पश्चात शहर से करीब तीन किलोमीटर दूर स्थित दादरी- रोहतक रोड पर गांव रावलधी के समीप स्टेडियम निर्माण को लेकर प्रक्रिया शुरू हुई थी। बाद में यह भी सिरे नहीं चढ़ सकी थी। अब जिला बन जाने पर खेल विभाग ने खेल स्टेडियम के निर्माण को लेकर अपनी शुरूआत की। इसके लिए विभागीय अधिकारियों ने समसपुर के पास की जमीन को उपयुक्त बताया था।
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पंचायत ने पास किया था प्रस्ताव
खेल विभाग अधिकारियों के प्रयासों से दिल्ली रोड पर गांव समसपुर के समीप जमीन का अगस्त माह में प्रस्ताव मिला था। खेल विभाग ने इस जगह को स्टेडियम निर्माण के लिए सही माना। गांव समसपुर की पंचायत ने स्टेडियम निर्माण के लिए 25 एकड़ जमीन का प्रस्ताव पारित कर विभाग को सौंप दिया था। डीसी ने इस प्रपोजल को स्वीकृत कर खेल विभाग के हेड ऑफिस सरकार की मंजूरी के लिए भेज दिया था। अब स्टेडियम निर्माण को सरकार ने मंजूरी दे दी है।

स्टेडियम में इन खेलों की सुविधा होगी
स्टेडियम में तकरीबन सभी प्रकार के खेलों की व्यवस्था रहेगी। इसमें फुटबाल, कबड्डी, खो-खो, वालीबाल, जिम्नास्टिक, कुश्ती, क्रिकेट के अलावा बैडमिंटन, लॉन टेनिस, हैमर थ्रो, बाक्सिंग, ज्वैलिन थ्रो, हॉॅकी समेत अन्य खेलों के मैदान बनेंगे। यहां स्टेडियम बनने से समसपुर और आसपास के गांव खातीवास, बिरोहड़, कालियावास, लोहरवाड़ा, अचीना, झिंझर, कमोद सहित जिले के खिलाड़ियों को फायदा होगा।

राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जिले का योगदान
चरखी दादरी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर के कुश्ती, कबड्डी और बालीवाल के खिलाड़ी दिए हैं। कबड्डी में गांव आदमपुर से खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम में खेल चुके हैं। गांव मकड़ाना निवासी बालीवाल खिलाड़ी संजय भारतीय बालीवाल टीम में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इनके अलावा खिलाड़ी प्रियंका पिलानिया भी कबड्डी की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हैं। कुश्ती में ओलंपियन गीता, बबीता और विनेश ने जिले की शान बढ़ाई है। तीनों खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ढेर सारे पदक जीत चुकी हैं। जिले ने राष्ट्रीय स्तर के विभिन्न खेलों के कोच भी दिए हैं। चरखी दादरी में मल्टीपर्पज स्टेडियम न होने से खिलाड़ी अभ्यास नहीं कर पाते हैं। सरकारी आयोजनों के लिए भी सरकारी खेल स्टेडियम नहीं है। जनता कालेज का अपना कालेज स्टेडियम है।

जिले में खेल स्टेडियम बहालगढ़ की तर्ज पर बनना चाहिए। स्टेडियम में खिलाड़ियों के लिए हर प्रकार की सुविधाएं होनी चाहिए। बाक्सिंग का बड़ा हाल एसी होना चाहिए। स्टेडियम में कोच आदि के लिए रहने की अच्छी व्यवस्था हो। एक बार कोच की तैनाती होने पर उसे लंबे समय तक वहीं रखा जाना चाहिए। मैदान में हर प्रकार के खेलों में निर्णय को लेकर संदेह न हो इसके लिए रिप्ले की सुविधा भी होनी चाहिए। सभी प्रकार के ट्रैक बढ़िया स्तर के हों। आज खेल स्टेडियम तो हैं लेकिन वहां न तो कोच हैं और न ही खिलाड़ी अभ्यास कर रहे हैं। स्टेडियम का महत्व तभी है जब वहां से खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर तक तैयार होकर जाए। - महाबीर फौगाट, पहलवान, द्रोणाचार्य अवार्डी

गांव समसपुर में खेल स्टेडियम बनने से जिले के युवाओं को हर खेल की सुविधा मिल सकेगी। आसपास के गांवों के युवाओं को सीधे तौर पर फायदा हो सकेगा। सरकार का यह अच्छा प्रयास है। - बिजेंद्र फौगाट, एथलीट कोच

जिला स्तर पर खेल स्टेडियम बनने से चरखी दादरी क्षेत्र के खिलाड़ियों को व्यापक स्तर पर खेल सुविधाएं मिल सकेंगी। लड़कियों को जिले में ही आसानी से खेल सुविधाएं मिल सकेंगी। - सीमा, एथलीट अंतरराष्ट्रीय

खेल स्टेडियम बनाए जाने के बाद यहां खेल की सुविधाओं पर जोर देना जरूरी है। खिलाड़ियों की स्टेडियम में दैनिक उपस्थिति पर कोच को विशेष फोकस करना चाहिए तभी रिजल्ट मिल सकेंगे। जिले में खेल स्टेडियम बनना सराहनीय कदम है। - बबीता, अंतरराष्ट्रीय महिला पहलवान
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वर्जन--
गांव समसपुर में 25 एकड़ जमीन में प्रस्तावित खेल स्टेडियम के प्रपोजल को सरकार ने मंजूरी दे दी है। अब इस प्रोजेक्ट पर तेजी से काम आगे बढ़ाया जाएगा। मैप तैयार होते ही अगली प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। द्रोणाचार्य अवार्डी महावीर सिंह लिखकर मांग करते हैं तो सरकार को अवगत करा दिया जाएगा। - राजबीर सिंह, जिला खेल अधिकारी चरखी दादरी
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