अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
शहर में ऑटो चालकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इससे लोग काफी परेशान हैं। लोगों का आरोप है कि ऑटो चालक ट्रैफिक नियमों को ताक पर रखकर ड्राइविंग करते हैं। इससे कई बार दुर्घटना भी हो चुकी है। लेकिन फिर भी चालक ऑटो तेज गति से चलाते हैं। चालक ऑटो में सवारियों को बैठाने के चक्कर में सड़क के बीच में ही ऑटो रोक देते हैं। जिससे अन्य वाहन चालकों को जाम से जूझना पड़ता है।
शहर निवासी शिव कुमार गुप्ता, नरेश रोहिल्ला, नवीन कुमार, सत्यवान भारद्वाज ने बताया कि ये तिपहिया चालक पहले तो इन वाहनों को काफी तेज गति से सड़कों पर दौड़ाते हैं। फिर अचानक कहीं भी ब्रेक लगाकर ऑटो बीच सड़क रोक देते हैं। इससे पीछे चल रहे वाहन चालक को भी इमरजेंसी ब्रेक लगाने पड़ते हैं। जिससे कई बार दुर्घटना भी हो चुकी है। ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी ऐसे ऑटो चालकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करते।
18 वर्ष से कम उम्र के युवा चलाते हैं ऑटो
अक्सर देखा जाता है कि ऑटो चलाने वाले कई चालक 18 वर्ष से भी कम उम्र के हैं। जिनके पास न तो ड्राइविंग लाइसेंस होता है और न ही इन्हें यातायात नियमों की जानकारी होती। ऐसे ऑटो चालकों की लापरवाही के कारण बड़ी दुर्घटना होने का खतरा भी बना रहता है। यही चालक ऑटो को काफी तेज गति से चलाते हैं।
क्या कहते हैं ट्रैफिक एसएचओ
ट्रैफिक एसएचओ संदीप हुड्डा का कहना है कि लापरवाही से ऑटो चलाने वाले चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। कई बार ऐसे ऑटो चालकों को चेतावनी भी दी है। यदि फिर भी कोई चालक इससे बाज नहीं आ रहा है तो उसके ऑटो को बंद किया जाएगा।