झज्जर। 35 हजार 400 रुपये वेतन की मांग को लेकर लिपिकों की हड़ताल 10वें दिन भी जारी रही। हड़ताल से जहां सरकार व आमजन को काफी नुकसान हो रहा है। वहीं इसके दुष्परिणाम भी सामने आ रहे हैं। हड़ताल से स्टांप ड्यूटी, रजिस्ट्री, वाहन पंजीकरण प्रभावित हो गए हैं। वहीं सरकार को एक सप्ताह में करीब 30 करोड़ का फटका लगा है। लिपिकों की हड़ताल से झज्जर, बादली, बेरी, बहादुरगढ़, मातनहैल, साल्हावास तहसीलों में काम नहीं हो रहा है। वहीं 35 हजार 400 रुपये वेतन की मांग को लेकर लिपिक लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों को नहीं माना जाएगा, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।
लघु सचिवालय में करीब 700 लिपिक धरने पर लगातार बैठकर अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे है, लेकिन आमजन की बात करें तो रजिस्ट्री, वाहन पंजीकरण, स्टांप ड्यूटी, जाति प्रमाणपत्र, रिहायशी प्रमाणपत्र नहीं बनने के कारण लोगों के काम बाधित हो रहे हैं। अमरदीप, सीमा, निर्मला, स्वीटी, मंजीता , सुरेश कुमार, धर्मेंद्र ने बताया कि उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनके तहसील व सचिवालय के काम बाधित हो गए, सरकार व प्रशासन ने कोई भी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जा रही है।
जिला प्रधान आनंद कुमार ने कहा कि जब तक लिपिकों की मांग पूरी नहीं हो जाती है, तब तक सभी विभागों के लिपिक धरना स्थल पर डटे रहेंगे। इस दौरान अधीक्षक सुरेश कुमार, जिला नाजर कृष्णकांत, सहायक सुरेश कुमार, जितेंद्र लोहचब, सहायक संजीव कुमार, सहायक दान सिंह, सहायक राकेश, सहायक दिनेश कुमार, संजय, नरेंद्र कुमार, राधेश्याम, सुनील, नरेश कुमारी अधीक्षक, गुलाब सिंह, रीना, राजेश कुमारी, सुनील कुमारी, मोनिका, गीता, सुमन आदि उपस्थित रहे।