झज्जर। लोकसभा चुनाव में फोर्स को पोलिंग स्टेशन व अन्य स्थानों पर ले जाने के लिए 30 रोडवेज बसें लगाई गई हैं। इन सभी बसों को ग्रामीण रूट से हटाया गया है। इसके चलते यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल इन बसों को अलग-अलग शहरों में फोर्स को लाने के लिए भेजा गया था। अब यह बसें चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक फोर्स के अधीन कर दी गई है। ऐसे में ग्रामीण रूटों पर यात्रियों को परेशानी हो रही हैं।
जिले में लगभग 200 से अधिक बसें हैं। इनको अन्य जिलों के अलावा ग्रामीण व लंबे रूटों पर चलाया जाता है। जिले से प्रतिदिन 20 हजार यात्री विभिन्न स्थानों पर सफर करते हैं। प्रतिदिन 12 से 15 लाख रुपये की आमदनी होती है। झज्जर ऐसा बस अड्डा हैं, जहां पर विभिन्न स्थानों के लिए बस सेवा मिल जाती है। यह एरिया के हिसाब से प्रदेश का सबसे बड़ा बस अड्डा भी है। अब 30 बसों के फोर्स को देने के चलते बहुझोलरी, बेरी, साल्हावास, कोसली, बादली, डीघल, मातनहेल, छुछकवास के रूट प्रभावित हो रहे हैं। ये 30 बसें झज्जर डिपो व बहादुरगढ़ सब डिपो दोनों से दी गई हैं।
पांच और बसों की भी मांग
फिलहाल 30 बसों को भेजा गया है। हालांकि प्रशासन की तरफ से 35 बसों की मांग की गई है। रोडवेज प्रशासन से पांच रोडवेज बसें प्रशासन की तरफ से मांग की जा सकती है।
प्रशासन की तरफ से 35 बसें फोर्स के लिए मांगी गई थी, इसमें से 30 बसें दे दी गई हैं। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक बसें फोर्स के लिए उपलब्ध रहेंगी।
- रणबीर गोरिया, सीआई, हरियाणा रोडवेज झज्जर डिपो