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Jhajjar-Bahadurgarh News: दो उपभोक्ताओं के बैंक खातों से 12 लाख रुपये की 3 एफडी गायब

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बादली। गुभाना गांव के दो लोगों ने निजी बैंक मैनेजर और कर्मचारियों पर मिलीभगत कर 12 लाख रुपये की फिक्स डिपोजिट (एफडी) तोड़कर पैसे निकालने का आरोप लगाया है। महिला सहित दो उपभोक्ताओं ने पुलिस में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
गुभाना गांव स्थित एचडीएफसी बैंक में गुभाना और माजरी गांव के लोगों के खाते हैं। कई दिनों से बैंक कर्मचारियों की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में है, इसके चलते गांव में पंचायत भी हो चुकी हैं। पिछले दिनों बैंक के कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत मिलने पर गुभाना गांव में पंचायत हुई तो कर्मचारियों का तबादला कर दिया गया और एक उपभोक्ता की एफडी के पैसे की रकम वापस कर दी। लेकिन अब शनिवार को दो अन्य उपभोक्ताओं ने भी अपनी 3 एफडी से 12 लाख रुपये निकालने का आरोप लगाकर पुलिस में शिकायत दी। पुलिस थाना में पीड़ित लोगों के साथ जिला पार्षद अंकुर गुभाना और सामाजिक कार्यकर्ता होशियार सिंह दरियापुर ने कहा कि लोगों का बैंकों पर भरोसा होता है और बैंक कर्मचारियों की ओर से खाताधारकों के साथ धोखा किया जाएगा तो लोगों का पैसा कैसे सुरक्षित होगा। इस मामले की जांच होनी चाहिए। धोखाधड़ी का मामला उजागर होने के बाद अन्य उपभोक्ताओं ने भी बैंक पहुंचकर अपनी-अपनी एफडी की जांच करवानी शुरू कर दी है। वहीं बादली पुलिस थाना प्रभारी राकेश कुमार का कहना है कि दो अलग अलग शिकायते मिली हैं। शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है।
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पहला केस
गुभाना निवासी सुखबीरो ने बताया कि गांव के एचडीएफसी बैंक में उनका खाता है। खाता में 4 लाख रुपये की एफडी करवाई गई थी। लेकिन अब बैंक में पता किया तो एफडी को बंद करने के बाद पैसे निकाल लिए गए हैं। खाता में पैसे नहीं होने पर उसके होश उड़ गए और बैंक कर्मचारियों से बात की तो उन्होंने बैंक में नया कर्मचारी होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। सुखबीरो ने पुलिस में बैंक मैनेजर और कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की।
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दूसरा केस
गुभाना गांव निवासी जयप्रकाश भी पुलिस थाना पहुंचा और शिकायत में बताया कि एचडीएफसी बैंक में उसका खाता है। खाता में 3 लाख और 5 लाख रुपये की दो अलग-अलग एफडी बनवा रखी थी। जब वह बैंक में एफडी का स्टेटस जानने के लिए गया तो बैंक की ओर से उसे पैसे निकलवाने की जानकारी दी गई जबकि उसकी तरफ से कोई पैसे नहीं निकलवाए गए। जयप्रकाश के अनुसार बैंक कर्मचारियों ने मिलीभगत कर उसके खाते से एफडी को तोड़ दिया और पैसे निकालकर धोखाधड़ी की है।
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