बहादुरगढ़। नगर परिषद की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज हो गई है। वाइस चेयरमैन राजपाल उर्फ पालेराम शर्मा के खिलाफ असंतोष खुलकर सामने आ गया है। 25 पार्षदों ने मंगलवार को डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल से मिलकर वाइस चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए शपथ पत्र सौंपे हैं।
पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बैठक बुलाने की भी मांग की है। बताया जा रहा है कि पार्षद लंबे समय से उनके कामकाज से असंतुष्ट थे और अब उन्होंने एकजुट होकर मोर्चा खोल दिया है। नगर परिषद में सियासी समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं।
खास बात यह है कि विरोध करने वालों में सत्ताधारी दल भाजपा के भी पार्षद शामिल हैं। इससे मामला और गंभीर हो गया है और वाइस चेयरमैन की कुर्सी पर खतरा बढ़ गया है।
अविश्वास प्रस्ताव पास करने के लिए चाहिए 22 पार्षद
नगर परिषद में फिलहाल 31 पार्षद हैं और एक चेयरपर्सन। वाइस चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास करने के लिए दो तिहाई बहुमत चाहिए। दो तिहाई पार्षदों में अविश्वास प्रस्ताव के लिए 22 पार्षद के मत चाहिए। अगर 22 पार्षद डीसी की ओर से बुलाई गई बैठक में वाइस चेयरमैन राजपाल शर्मा के खिलाफ वोट डालते हैं तो राजपाल शर्मा वाइस चेयरमैन के पद से हट जाएंगे।
वाइस चेयरमैन हमेशा बोर्ड की बैठकों में अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। उन्होंने हमारे हित में कोई कदम नहीं उठाया। विकास कार्यों में भी हमेशा रोड़ा अटकाते रहे। इसी के चलते हम आज अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए हैं।
-मनीषा धनखड़, पार्षद वार्ड 12
पार्षदों की जब भी बैठक होती है तो पालेराम शर्मा अमर्यादित भाषा बोलते हैं। इससे महिला पार्षदों का बैठकों में भाग लेना काफी मुश्किल हो गया था।
-सुनैना मलिक, पार्षद वार्ड 23
यह खेला काफी लंबे समय से चल रहा था। कुछ पार्षद बिक्री का खेल खेल रहे हैं। इसकी मैंने कुछ दिनों पहले वीडियो भी जारी करके बता दिया था। फिलहाल मैं बाहर हूं। पूरी बात बहादुरगढ़ आने के बाद ही बताऊंगा।
-राजपाल उर्फ पालेराम शर्मा, वाइस चेयरमैन, नगर परिषद, बहादुरगढ़।
पार्षदों की ओर से शपथ पत्र देकर बहादुरगढ़ नगर परिषद के वाइस चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव दिया है। इस बारे में कागजों की जांच परख करके नियमों के तहत आगामी कार्रवाई की जाएगी।
-स्वप्निल रविंद्र पाटिल, उपायुक्त, झज्जर।
फोटो-57: डीसी से मिलने पहुंचे बहादुरगढ़ नगर परिषद के पार्षद। स्रोत सोशल मीडिया- फोटो : स्रोत : सूचना विभाग