सूर्यास्त के समय झज्जर का मनोहारी दृश्य।
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झज्जर। जिला आज अपना 23वां स्थापना दिवस मनाएगा। इसकी स्थापना 15 जुलाई 1997 को हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री चौ. बंसीलाल की सरकार में हुई थी। झज्जर जिला एक ऐतिहासिक स्थल के रूप में भारतीय इतिहास में अपना स्थान रखता है। इसको बसाने में छज्जुराम का योगदान रहा। यहां के ऐतिहासिक मकबरे हमेशा से इतिहास में रुचि रखने वाले व्यक्तियों के लिए जिज्ञासा का विषय रहे हैं। 1857 की क्रांति के महान योद्धा व झज्जर के अंतिम नवाब अब्दुर रहमान खान की रियासत रहे झज्जर को 15 जुलाई 1997 को जिले का दर्जा मिला था। उसके बाद से झज्जर शहर का विकास हुआ है शहर के साथ-साथ झज्जर जिले में अनेक उद्योग आए हैं। जबकि शहर के अंदर से गुजरने वाले दोनों नेशनल हाईवे का भी विकास हुआ है। झज्जर को जिला बनवाने में विधानसभा के उपाध्यक्ष रहे चौधरी मनफूल सिंह का पूर्ण सहयोग रहा था।
तेजी से विकासशील क्षेत्रों में हुआ शामिल
झज्जर हरियाणा राज्य का एक छोटा सा शहर है जो अपनी विकासशील अर्थव्यवस्था और आधारभूत विकास के लिए जाना जाता है। आज यह हरियाणा के तेजी से विकासशील क्षेत्रों में सार्वजनिक कल्याण पर ध्यान केंद्रित करता है। यह पहले रोहतक जिले का हिस्सा था, इसे बाद में रोहतक से अलग कर दिया गया था और 15 जुलाई 1997 को जिला बना दिया गया था। झज्जर के पास रहने के लिए आवश्यक सभी चीजें हैं। सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों जैसे कि नई सड़कों, स्वास्थ्य प्रणाली, स्कूलों, महिला सशक्तिकरण परियोजनाओं, बिजली प्रदान करने और जिले के विकास के लिए और वहां रहने वाले लोगों के विकास के लिए भी कई क्षेत्रों में निवेश किया है। लोगों के लाभ के लिए विभिन्न आवश्यक सेवाएं भी उपलब्ध हैं। एक ऐतिहासिक शहर होने के नाते, सरकार ने ऐतिहासिक स्मारकों की रक्षा के लिए उपाय किए हैं और पर्यटन उद्योग को विभिन्न सहायता प्रदान की हैं ताकि पर्यटक इस जगह पर अधिक बार जाएं।
जिला बनने के बाद ये आईं परियोजनाएं
झज्जर शहर में जिला बनने के बाद जहां सड़कों का जाल बिछाया गया है। वहीं वर्ष 2013 में लंबे समय से चली आ रही रेलवे लाइन की मांग भी पूरी हो गई थी। इसके अलावा शहर में नेशनल हाईवे 334बी पर ऊपर गांव में पुल का निर्माण किया जा चुका है। वहीं कोसली रोड पर ओवरब्रिज का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके अलावा भी जिला बनने के बाद झज्जर शहर में काफी विकास कार्य हुए हैं। झाड़ली व खानपुर खुर्द में दो थर्मल प्लांट के साथ-साथ कई कंपनियां आई हैं। करीब एक हजार करोड़ रुपये की लागत से नेशनल हाईवे 71ए का निर्माण भी जिला बनने के बाद हुआ है।