अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। जनस्वास्थ्य विभाग में अधिकारियों की कमी से न केवल लोग परेशानियों से जूझ रहे हैं बल्कि इसका असर शहरी विकास पर भी पड़ता नजर आ रहा है। शुक्रवार को शहर के आठ पार्षदों ने नगर परिषद कार्यालय में पत्रकार वार्ता की। इसमें उन्होंने बताया कि जन स्वास्थ्य विभाग के शहर के 21 वार्डों की करीब 100 गलियों में पेयजल-सीवर लाइन नहीं डालने से नगर परिषद निर्माण नहीं करवा पा रही। इन गलियों के निर्माण के लिए आया बजट 31 मार्च को लैप्स हो जाएगा और इसके लिए सीधे तौर पर विभाग के अधिकारी जिम्मेदार होंगे। पार्षदों ने जन स्वास्थ्य विभाग में अधिकारियों की कमी और शहर की सीवर-पेयजल समस्याओं का समाधान न होने पर एक अप्रैल से जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय में धरना शुरू करने की चेतावनी दी है।
दोपहर दो बजे पार्षद महेश गुप्ता, मनोज वर्मा, विरेंद्र पप्पू, विनोद वाल्मीकि, रोहित राजपूत, बक्शी सैनी, पार्षद प्रतिनिधि विरेंद्र चरखी व सुभाष स्वामी ने नगर परिषद कार्यालय में पत्रकारों के साथ बातचीत की। उन्होंने बताया कि जनस्वास्थ्य विभाग की अनदेखी के चलते पार्षद अब लामबंद हो गए हैं। इस बार निर्णायक और आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि समस्याओं का स्थायी समाधान होने तक पार्षदों का धरना और भूख हड़ताल जारी रहेगी। पार्षद महेश गुप्ता ने कहा कि जन स्वास्थ्य विभाग में अधिकारियों के पद खाली पड़े हैं और इसके चलते शहर की सीवर व पेयजल समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा। पार्षद अधिकारियों से लेकर मंत्रियों तक गुहार लगा चुके हैं लेकिन नतीजा सिफर ही है। पार्षद विरेंद्र पप्पू ने कहा कि शहर में एक दिन छोड़कर पेयजल सप्लाई की जा रही है जबकि गर्मी के मौसम में प्रतिदिन सप्लाई की जरूरत है। उन्होंने बताया कि विभाग ने अब तक न तो पेयजल क्षमता बढ़ाने की तरफ ध्यान दिया है और न ही सीवर लाइनों में सुधार किया गया है। पार्षद विनोद वाल्मीकि ने कहा कि हर वार्ड में आठ से दस गलियों का निर्माण रुका हुआ है और इसका कारण जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा पेयजल व सीवर लाइनें न डालना है। उन्होंने कहा कि पेयजल व सीवर लाइनें डालने के लिए विभाग के पास बजट और पाइप दोनों पहुंच चुके हैं लेकिन इसके बाद भी शहर के वार्डों में पाइप लाइन डालने का काम शुरू नहीं किया गया है। पार्षद रोहित राजपूत ने बताया कि उनके वार्ड में सीवर व पेयजल समस्याओं की भरमार है लेकिन विभाग समाधान को लेकर कतई गंभीर नहीं है। पार्षद प्रतिनिधि विरेंद्र चरखी का कहना है कि समस्याओं से वो अधिकारियों को फोन पर और वहाट्स मैसेज कर अवगत करवा चुके हैं लेकिन न तो जवाब मिलता है और न ही समस्याओं का समाधान कराया जाता है। पार्षदों ने एक सुर में कहा कि एक अप्रैल से वो जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल और धरना शुरू कर देंगे और इस बार समस्याओं का स्थायी समाधान होने पर ही वो अपना आंदोलन समाप्त करेंगे।
2.17 करोड़ के सीवर लाइन प्रोजेक्ट पर नहीं हुआ काम शुरू
पार्षदों ने बताया कि शहर के सभी वार्डों में दो करोड़ 17 लाख की लागत से सीवर लाइनें बिछाई जानी हैं। इस संबंध में बजट विभाग के पास पहुंच चुका है। इसके बावजूद भी नई लाइनें डालने का काम शुरू नहीं किया जा रहा। पार्षदों ने बताया कि एक साल से फाइल एक टेबल से दूसरी पर पहुंच रही है लेकिन धरातल पर अधिकारी काम शुरू नहीं करवा रहे हैं।