अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। ब्रेक डाउन होने वाली रोडवेज की बसें अब वर्कशॉप में कई दिनों तक खड़ी नहीं रहेंगी। रूटों पर चलने वाली बसों में अगर कोई तकनीकी खामी आती है तो वर्कशॉप लाकर इनकी तुरंत मेंटेनेंस की जाएगी। हाल ही में दादरी डिपो को 35 कर्मचारी मिले हैं। इनके ज्वाइन करने से वर्कशॉप की व्यवस्था पटरी पर लौट आई है। इससे पहले खराबी आने पर बसें कई दिनों तक वर्कशॉप में खड़ी रहती थीं। इस कारण कई दिनों तक उस रूट की ट्रिप प्रभावित रहती थी। वर्कशॉप में नए कर्मचारियों के ज्वाइन करने की पुष्टि रोडवेज जीएम धनराज कुंडू ने की है। डिपो में इस समय 156 बसें हैं जो विभिन्न रूटों को कवर करती हैं।
रोडवेज डिपो में लंबे समय से खासकर वर्कशॉप में कर्मचारियों की कमी बनी हुई थी। डिपो में 156 बसें हैं। आए दिन बसें खराब होने पर रूट मिस हो जाते थे जिससे यात्रियों को दूसरी बस के इंतजार में घंटों का समय बिताना पड़ता था। डिपो में बनी कार्यशाला में बसों की मेंटेनेंस का काम ही होता है। डिपो बेड़े में पिछले दिनों 10 बसें भी शामिल गई हैं। डिपो में अब चालक-परिचालक का स्टाफ भी 260 पहुंच गया है। इन 10 बसों के साथ 45 चालक-परिचालक भी मिले हैं। इस वजह से रूटों की संख्या भी बढ़ाई गई हैं। लंबे रूटों पर बस सेवा में सुधार आया है। 10 रूट बढ़ाए गए हैं ताकि यात्रियों को परेशानी न होने पाए। दादरी डिपो के तहत सब डिपो लोहारू भी शामिल है।
35 में से 32 की वर्कशॉप में लगाई गई ड्यूटी
रोडवेज डिपो को 35 कर्मचारियों का स्टाफ मिल गया है। इसमें करीब 32 को तो वर्कशॉप में ही लगाया गया है। एक कर्मचारी को कागज कार्रवाई के काम में लगाया गया है। एक कर्मचारी को उद्घोषक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आमतौर पर बसों में टायर पंक्चर और अन्य खराबी आने पर उसे वर्कशॉप में लंबे टाइम तक खड़ा करना पड़ता था। पहले स्टाफ की कमी बनी हुई थी। बारी-बारी से बसों को ठीक किया जा सकता था।
चालक-परिचालक भी रहते थे परेशान
बस खराब होने पर चालक- परिचालक मैकेनिक पर बस जल्दी ठीक करने का दबाव बनाते थे लेकिन फिर भी मैकेनिक की कमी के चलते समय पर काम पूरा नहीं हो पाता था। इतना ही नहीं यात्रियों को बसों का इंतजार करना पड़ता था। स्टाफ पर्याप्त होने पर अब रास्ते में बस खराब होने पर मैकेनिक बस में सवार होकर मौके पर भी पहुंच सकेगा।
वर्कशॉप में दिया जा रहा प्रशिक्षण
डिपो वर्कशॉप के कामकाज और मेंटेनेंस के काम ने अब गति पकड़ ली है। खराब बस को उसी समय ठीक करने की कोशिश होती है ताकि वह जल्द ही रूट पर दौड़ सके। रोडवेज महाप्रबंधक धनराज कुंडृू का कहना है कि वर्कशॉप के नए कर्मचारियों को पुराने कर्मचारियों की मदद से प्रशिक्षित किया जा रहा है। बस टायर खोलना, सैट करना, पंक्चर लगाना, हवा प्रेशर, ब्रेक आदि ठीक करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
रोडवेज डिपो वर्कशॉप को पर्याप्त स्टाफ मिल गया है। अब जिस भी बस में खराबी आएगी उसे तत्काल ठीक करने की कोशिश रहेगी। यात्रियों को अब परेशानी नहीं आने दी जाएगी। धनराज कुंडू, डिपो महाप्रबंधक, चरखी दादरी