अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़। छारा गांव में पिछले दो सप्ताह से जमीन अधिग्रहण के उचित मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठे किसानों ने सरकार को 22 फरवरी तक का अल्टीमेटम दिया है। रविवार को हुई महापंचायत में पंचायत प्रतिनिधियों और किसानों ने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती है तो वे आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे। महापंचायत का नेतृत्व भूमि बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष रमेश दलाल ने और अध्यक्षता कैप्टन मान सिंह दलाल ने किया। रविवार को छारा में हुई महापंचायत में दलाल खाप 84 के प्रधान चौ. भूप सिंह के अलावा अनेक खापों व सामाजिक संगठनों ने हिस्सा लिया। मंच संचालन कर रहे कैप्टन मान सिंह दलाल ने कहा कि महापंचायत को झज्जर, रोहतक, सोनीपत व भिवानी जिले के कुल 877 गांवों का समर्थन मिला है। महापंचायत में बलजीत सिंह मलिक प्रधान गठवाला (मलिक) खाप, दहिया खाप से अतर सिंह प्रधान खांडा बारह व दयानंद पहलवान सिसाना, उमेद सिंह देसवाल प्रधान दुल्हेड़ा बारह, मास्टर साहिब सिंह प्रधान छारा चौदहगामा, कपूरे प्रधान आसौदा नौगामा, शमशेर सिंह खरकड़ा प्रधान महम चौबीसी अठगामा, जय सिंह प्रधान अहलावत खाप, ओमप्रकाश नांदल प्रधान नांदल खाप, तस्वीर राठी प्रधान राठी खाप, बिल्लू पहलवान प्रधान कादयान खाप आदि शामिल हुए।
केंद्रीय परिवहन सचिव मलिक की टिप्पणी पर जताया रोष
भारत की सबसे बड़ी खाप गठवाला (मलिक) खाप के राष्ट्रीय प्रधान चौ. बलजीत मलिक ने मलिक व दलाल खाप के सदियों पुराने संबंधों का हवाला देते हुए विश्वास दिलाया कि हमेशा की तरह हर कदम पर हम दलाल खाप के साथ खड़े है। साथ ही चौ. मलिक ने केंद्रीय परिवहन सचिव युद्धवीर मलिक द्वारा छारा गांव के बारे में की गई अशोभनीय टिप्पणी पर रोष प्रकट किया व कहा कि अगर युद्धवीर मलिक ने छारा गांव से एक हफ्ते में माफी नही मांगी तो मलिक खाप भी युद्धवीर मलिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई में दलाल खाप के साथ खड़ी है। छारा गांव पहले ही रमेश दलाल को युद्धवीर मलिक के खिलाफ कानूनी करवाई करने के लिए अधिकृत कर चुका है। गौरतलब है कि युद्धवीर मलिक ने छारा गांव की जमीन मुआवजे की मांग के जवाब में अशोभनीय टिप्पणी की थी। महापंचायत ने छारा गांव के साथ हो रहे अन्याय के विरोध में आरपार की लड़ाई लडने का फैसला ले लिया है। महापंचायत में आए सभी खापों के द्वारा मिलकर तैयार किए गए प्रस्ताव को रमेश दलाल ने महापंचायत की अध्यक्षता कर रहे चौ. भूप सिंह की अनुमति से लोगों के बीच में रखा, जिसका पंचायत में उपस्थित सभी लोगों ने हाथ उठाकर समर्थन किया।
23 फरवरी से होगी भूख हड़ताल
महापंचायत ने सरकार व अधिकारियों को जमीन अधिग्रहण के रेट में सुधार करने के लिए 22 फरवरी तक का समय दिया है। अगर 22 फरवरी तक किसानों के साथ न्याय नहीं किया गया तो 23 फरवरी से आंदोलन का नेतृत्व कर रहे रमेश दलाल धरना स्थल पर भूख हड़ताल पर बैठेंगे। उसके बाद अगर सरकार ने सुनवाई नहीं की तो 25 फरवरी को ट्रैक्टरों के काफिले के साथ जिला उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन करने के लिए बड़ी संख्या झज्जर जाएंगे। फिर 26 फरवरी से झज्जर-सांपला राष्ट्रीय राजमार्ग को रोकने का काम किया जाएगा। रमेश दलाल का कहना था कि अगर इतना करने पर भी सरकार नहीं जागी तो 28 फरवरी से रोहतक-दिल्ली राजमार्ग, बहादुरगढ़-झज्जर रोड, दिल्ली-भटिंडा रेलमार्ग व गुरुग्राम नहर को रोकेंगे। उन्होंने बताया कि रेल को आसौदा व जाखौदा के नेतृत्व में रोका जाएगा। वहीं रोहतक-दिल्ली राजमार्ग को रोकने की जिम्मेदारी मांडौठी गांव की होगी। दुल्हेड़ा गांव को झज्जर-बहादुरगढ़ रोड को रोकने की जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही महापंचायत में यह भी फैसला लिया गया कि उचित मुआवजे की मांग की जांच के लिए गठित की गई अधिकारियों की कमेटी में किसानों का प्रतिनिधि भी शामिल किया जाए। महापंचायत में कड़े शब्दों में यह स्पष्ट किया गया कि अगर अधिकारी मनमानी करने के लिए हाईवे प्रोजेक्ट को रद्द करने की साजिश करेंगे तो यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।