अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर चल रहे एनएचएम कर्मियों के खिलाफ अब स्वास्थ्य विभाग सख्त हो गया है। उच्चाधिकारियों के आदेशों पर शुक्रवार को जिला अधिकारियों ने 39 कर्मचारियों को नोटिस थमा दिए हैं। इसके मुताबिक अगर अगले 24 घंटे में उन्होंने ड्यूटी ज्वाइन नहीं की तो विभाग उनकी सेवाएं समाप्त कर सकता है। वहीं, एनएचएम कर्मियों ने हड़ताल को जारी रखने का ऐलान किया है। शुक्रवार को उन्होंने धरने पर बैठकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपना रोष जाहिर किया।
एनएचएम कर्मियों की हड़ताल लंबी खींचती चली जा रही है। पांच फरवरी से शुरू हुई हड़ताल शुक्रवार को चौथे दिन भी जारी रही। हड़ताल के पहले दिन जिले के 251 कर्मचारियों में से 27 ही हड़ताल पर रहे थे। इसके अगले दिन 41 और फिर 47 कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए थे। शुक्रवार को हड़ताली कर्मियों की संख्या 39 रही। जिला के विभिन्न चिकित्सा केंद्रों पर तैनात एनएचएम कर्मी जिला मुख्यालय अस्पताल के पार्क में धरना दे रहे हैं। शुक्रवार को इन्हें विभाग की तरफ से नोटिस थमाए गए। दूसरी ओर नोटिस देने का हड़ताली कर्मियों ने कड़ा विरोध किया है। कर्मी नेताओं का कहना है कि जायज मांगों को सरकार दबाने के लिए उन पर दबाव बनाने का प्रयास कर रही है। डिप्टी सिविल सर्जन अभिमन्यु ने बताया कि अगर 24 घंटे में हड़ताल में शामिल कर्मचारियों ने अपनी ड्यूटियां ज्वाइन नहीं की तो फिर इन्हें टर्मिनेट किया जाएगा। इस संबंध में हैड ऑफिस से दिशा-निर्देश मिल चुके हैं। दूसरी ओर एनएचएम कर्मियों को लगातार राजनैतिक पार्टियों का समर्थन मिल रहा है।
ग्रामीण क्षेत्र में लड़खड़ाई स्वास्थ्य सेवाएं
एनएचएम कर्मियों की अलग-अलग स्वास्थ्य सेवाओं में ड्यूटियां लगाई गई हैं। प्रदेश के नए चरखी दादरी जिले में 251 कर्मचारी हैं और उनमें से करीब 40 हड़ताल में शामिल हैं। इसका असर ग्रामीण क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। उप स्वास्थ्य व स्वास्थ्य केंद्रों पर सेवाओं का लाभ न मिलने पर मरीजों को जिला मुख्यालय अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।