अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। अब सर्दी- सर्दी राशन कार्डधारक बाजरा खाएंगे। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से सभी डिपो धारकों को बाजरा का वितरण करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। पिछले दिनों बाजरा की सरकारी खरीद से इस समय गोदाम अटे पड़े हैं। अब सरकार राशन कार्डधारकों को यह बाजरा खिलाएगी। बाजरा वितरण की योजना से एक तरफ गरीबों की थाली का जायका बढ़ेगा तो दूसरी ओर बाजरा खाने से भरपूर कार्बोहाइड्रेट भी शरीर को मिलेगा।
सरकार ने बाजरा का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 1950 रुपये प्रति क्विंटल कर रखा है। इसकेे लिए अक्तूबर में करीब एक माह तक बाजरे की सरकारी खरीद की गई। बाजरे का समर्थन मूल्य बढ़ने पर किसानों ने बाजरे की बिजाई भी ज्यादा क्षेत्र में की थी। जिले मेें बीते खरीफ सीजन में 37 हजार 600 एकड़ में बाजरे की खेती की गई थी। जो गत वर्ष की तुलना में तीन हजार एकड़ ज्यादा रहा। ऐसे में मंडियों में भी बाजरे की बंपर आवक हुई। किसानों से बाजरे की ऑनलाइन खरीद की गई। खरीद के बाद खासकर दक्षिणी हरियाणा के गोदाम बाजरा के बैग से भरे पड़े हैं। अब बाजरा के समायोजन के लिए सरकार ने नई प्लान तैयार कर दी ताकि इस बाजरे को स्टॉक को जैसे-तैसे निपटाया जा सके। आजकल नई पीढ़ी के लोग बाजरे को खाना बहुत पसंद करते हैं जबकि पुरानी पीढ़ी के लोग पूरी सर्दी बाजरा खाना पसंद करते थे। सरकार ने डिपो होल्डर के माध्यम से राशनकार्ड धारकों को यह बाजरा वितरण करने की प्लान बनाई है। इस संबंध में डिपोधारकों को आवश्यक निर्देश दिए हैं।
पीले रंग के कार्डधारक को मिलेगा तीन किलोग्राम प्रति व्यक्ति
जिन लोगों के पास पीले रंग का राशन कार्ड है उन्हें प्रति व्यक्ति तीन किलोग्राम बाजरा मिलेगा। बाजरा एक रुपये प्रति किलोग्राम के भाव दिया जाएगा। इन कार्डधारकों को गेहूं प्रति व्यक्ति दो किलोग्राम मिलता है। साथ में दो लीटर सरसों का तेल दिया जाता है। गुलाबी रंग के कार्डधारकों को पांच किलोग्राम प्रति राशन कार्ड बाजरा मिलेगा। एपीएल कार्डधारकों को यह राशन नहीं दिया जाएगा।
अब बन रहे ऑनलाइन राशन कार्ड
इस समय ऑनलाइन राशन कार्ड बनाने का काम चल रहा है। सन 2010 के बाद यह नए राशन कार्डधारक बन रहे हैं। 2010 के आंकड़ों के अनुसार शहर में 10 हजार 246 व ग्रामीण क्षेत्रों में 26 हजार 837 राशन कार्डधारक हैं। इस प्रकार कुल 37 103 राशन कार्डधारक हैं। बार-बार इन कार्डधारकों की वैधता संबंधी समयावधि बढ़ती रही। तीस जून दो हजार सतरह तक इनकी वैधता थी अब नए कार्ड बन रहे हैं। अठासी वर्षीय बुजुर्ग पतराम जांगड़ा का कहना है कि बाजरा की रोटी घी व दही के बिना नहीं खाई जा सकती। बाजरा की रोटी के लिए अलूणी यानी देशी घी व दही चाहिए।
डिपो होल्डर के जरिए बाजरा वितरण के निर्देश आए हैं। राशनकार्ड धारकों को एक रुपये प्रति किलोग्राम बाजरा दिया जाएगा। बाजरे का डिपो में कब तक वितरण होगा यह कुछ नहीं कहा जा सकता। - ब्रजलाल, इंस्पेक्टर, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, हरियाणा