अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग हरियाणा द्वारा नाबार्ड फंडिंग के तहत हरियाणा के किसानों को सिंचाई हेतु सौर ऊर्जा पंप अनुदान पर दिए जाएंगे। वीरवार को खंड साल्हावास में मंजू खन्ना, एजीएम नाबार्ड ने किसानों को जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के क्रियान्वयन हेतु नाबार्ड द्वारा लगभग 1500 करोड़ रुपये ग्रामीण मूल-भूत विकास फंड (आरआईडीएफ) के तहत उपलब्ध करवाए जाने की योजना है। नाबार्ड द्वारा सौर ऊर्जा पंपों के क्रियान्वयन की जानकारी सांझा करने पहुचे एसके कंसाल, सलाहकार व नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग हरियाणा, पंचकुला से अजीत कुमार भादु, परियोजना अधिकारी के साथ साल्हावास खंड के कासनी, बाबेपुर, सुबाना, गिरधपुर आदि गांवों का दौरा किया। उन्होंने अनुदान योजना के तहत स्थापित किए गए सौर ऊर्जा पंपों के बारे में किसानों से जानकारी प्राप्त की। नाबार्ड की टीम को कासनी के किसान सुखबीर, कुलदीप, सतबीर आदि ने बताया कि पहले उन्हे सिंचाई हेतु डीजल पंप सैट पर निर्भर रहना पड़ता था। प्रतिदिन लगभग आठ से दस लीटर डीजल लगता था। जिस पर उन्हें लगभग 500 से 600 रुपये तक प्रतिदिन खर्च करना पड़ते थे। जब से सौर ऊर्जा पंप लगवाया है, उसके बाद से उन्हें काफी फायदा हो रहा है। हम दिन में ही खेतों में सिंचाई कर लेते हैं और सब्जी की खेती भी करने लगे हैं। गांव बाबेपुर के किसान ईश्वर, प्रकाश व गांव सुबाना के जिले सिंह आदि किसानों ने भी सौर ऊर्जा पंप योजना को किसानों के कारगर योजना बताया। नाबार्ड की टीम के साथ सुभाष चंद, परियोजना अधिकारी व प्रदीप कुमार सहायक परियोजना अधिकारी भी साथ रहे।