अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
सी-34 फाटक अंडरपास निर्माण की मांग को लेकर रविवार से विधायक राजदीप फौगाट ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है। वैसे तो उन्हें रेलवे ट्रैक पर धरना देना था, लेकिन लोगों के कहने पर उन्होंने तीन दिन बाद रेलवे ट्रैक पर धरना देने का निर्णय लिया और उन्होेंने रेलवे लाइन के समीप ही भूख हड़ताल शुरू कर दी। इस दौरान शहर के 15 पार्षद और गांधी नगर के लोग काफी तादाद में आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे। उन्होंने पांच मुख्य मांगें सरकार और रेलवे प्रशासन से रखीं। मांगे पूरा करने के लिए बुधवार शाम तक का समय दिया गया है। मांगें पूरी न होने की सूरत में विधायक ने वीरवार सुबह ट्रेनें रोकने की चेतावनी दी है। हालांकि सरकार की तरफ से कोई अधिकारी विधायक के पास नहीं भेजा गया।
रविवार सुबह विधायक राजदीप फौगाट करीब दस बजे अंडरपास के लिए चयनित जगह के समीप पहुंचे। देखते ही देखते मौके पर गांधी नगर के करीब 400 से अधिक लोग और 15 पार्षद भी विधायक के समर्थन में आ गए। इससे पहले जिला पुलिस प्रशासन व रेलवे पुलिस ने स्टेशन की करीब एक किलोमीटर के एरिये में 200 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात कर दिए थे। आंदोलन में भाग लेने काफी तादाद में महिलाएं व बच्चे भी आए। इस दौरान विधायक को आश्वासन देने रेलवे विभाग की तरफ से एक इंजीनियर मौके पर पहुंचे और उन्होंने डीएसपी हेड क्वार्टर प्रदीप नैन की मौजूदगी में विधायक से बातचीत कर उन्हें निर्माण प्रक्रिया संबंधी आश्वासन देने का प्रयास किया। विधायक ने उनके आश्वासन को मानने से इंकार कर दिया और अंडरपास संबंध में रेलवे डीआरणएम की ओर से घोषणा करने पर ही आमरण अनशन खत्म करने का तर्क रखा। इसके बाद रेलवे इंजीनियर वहां से लौट गया। इसके बाद विधायक ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए पहले पांच मांगों से अवगत कराया और करीब 11 बजे आमरण अनशन पर बैठ गए। इस दौरान महिलाओं ने विधायक को माला पहनाकर उनके इस कदम की सराहना की। इस दौरान विधायक ने बताया कि अंडरपास निर्माण कार्य शुरू होने तक वो अन्न का सेवन नहीं करेंगें। विधायक के आंदोलन को समर्थन देने पार्षद महेश गुप्ता, आनंद महराणा, मनोज वर्मा, रोहित नगर परिषद वाइस चेयरमैन बबलू श्योराण, पार्षद प्रतिनिधि सुभाष स्वामी, कृष्ण, वीरेंद्र चरखी सहित अन्य पार्षद पहुंचे। इनके अलावा शहर की कई अन्य लोग आंदोलन को समर्थन देने धरनास्थल पर पहुंचे।
ये हैं पांच मांगें
प्रदेश सरकार और रेलवे प्रशासन के सामने विधायक राजदीप व गांधी नगर के लोगों ने प्रमुख पांच मांगें रखी हैं। इनमें सबसे पहली मांग स्टेशन प्लेटफार्म निर्माण कार्य पर पूरी तरह से बंद करना है। उनकी दूसरी मांग प्लेटफार्म निर्माण के लिए अंडरपास की जगह पर बनाई गई दीवार को तुरंत प्रभाव से गिराने की है। इसके अलावा तीसरी मांग तीन दिन के अंदर एस्टिमेट तैयार कर सरकार के पास भेजने और सरकार की तरफ से इस पर बजट जारी करने संबंधी है। चौथी मांग रेलवे डीआरएम और पीडब्ल्यूडी कमिश्नर द्वारा संयुक्त पत्रकार वार्ता कर अंडरपास संबंधी घोषणा करने की है। वहीं, पांचवीं मांग गत पांच नवंबर को रेल रोको आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए मामलों को वापिस लेने की है।
सीएम, कृषि मंत्री, सांसद और जिला अध्यक्ष पर कसे तंज
धरनास्थल पर विधायक सहित महिलाओं और अन्य लोगों ने प्रदेश के मुखिया सहित कृषि मंत्री ओपी धनखड़, सांसद धर्मवीर सिंह, भाजपा जिला अध्यक्ष रामकिशन शर्मा पर तंज कसे। विधायक राजदीप फौगाट ने कहा कि सांसद अब अंडरपास बनवाने की हामी भर रहे हैं जबकि तीन दिन पहले ही उन्होंने बयान दिया है कि उनकी अधिकारी सुनते तक नहीं, ऐसे में वो इतने बड़े प्रोजेक्ट में अपनी टांग अड़ाकर लोगों को मूर्ख क्यों बना रहे हैं। वहीं, विधायक ने कहा कि कृषि मंत्री की माता भी यहां ट्रेन के नीचे से निकलती थीं, ऐसे में वो तो लोगों की परेशानियों से वाकिफ है। फिर भी इस मसले पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे है।