बहादुरगढ़ की हिमानी बनी फ्लाइंग ऑफिसर
बहादुरगढ़। शहर के नेहरू पार्क की निवासी हिमानी मान भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग ऑफिसर बन गई है। हिमानी के ऑफिसर बनने पर रविवार को परिजनों ने हिमानी का अभिनंदन किया।
हिमानी ने सेंट थॉमस स्कूल से 12वीं तक की पढ़ाई की। इसके बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से स्नातक की पढ़ाई और मास्टर डिग्री अमेठी यूनिवर्सिटी से की। हिमानी अमेठी यूनिवर्सिटी में लेक्चरार भी रहीं हैं। वायु सेना में जाने के सपने को साकार करने के लिए 2017 में उन्होंने जॉब छोड़कर इंदौर से एसएसबी की कोचिंग शुरू की। अब 23 वर्षीय हिमानी मान का वायुसेना में बतौर फ्लाइंग आफिसर के पद पर चयन हो गया है। हिमानी की इस उपलब्धि पर उसके परिजन बेहद खुश हैं। रविवार को उनके घर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। बता दें कि हिमानी के पिता रामप्रकाश मान नौसेना से रिटायर्ड हैं। मां गांव छारा में एएनएम हैं। भाई मर्चेंट नेवी में ऑफिसर है।
गदगद नजर आए परिजन
हिमानी के ऑफिसर बनने पर उनकी मां जसवंती देवी ने कहा कि आज बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से पीछे नहीं हैं और हिमानी की मेहनत और लगन ने इसे प्रमाणित कर दिया है। हिमानी अपने लक्ष्य के प्रति अडिग रही। तीन बार असफल रहने के बावजूद चौथे प्रयास में सफलता हासिल की। पिता रामप्रकाश मान ने बताया कि हिमानी बचपन से ही पढ़ाई में तेज रही है। आज सेना में अधिकारी बनकर हिमानी ने हमारा सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है। उधर, मर्चेन्ट नेवी ऑफिसर मनीष मान ने वीडियो कॉलिंग कर अपनी बहन को बधाई दी। इस अवसर पर सुभाष अहलावत, अनीता, जतिन, मंजू मान, ध्वनि, सरोज, रमन देशवाल, अंगूरी देवी, धर्मबीर प्रधान, सुधीर आदि उपस्थित थे।
अभिभावकों के सहयोग से मिली सफलता : हिमानी
फ्लाइंग ऑफिसर हिमानी ने कहा कि उसके दादा और पिता आर्मी में रहे हैं। भाई भी मर्चेंट नेवी में रहकर देश सेवा कर रहा है। मेरे पिता का सपना था कि मैं देश सेवा करूं। मैं बस अपने पिता के सपने को पूरा करना चाहती थी। इसलिए मैंने लगातार इसके लिए प्रयास किए। आज मैं आसमान छूंने जा रही हूं। इसका श्रेय मेरे माता पिता को ही जाता है। अपने संदेश में हिमानी ने कहा कि बेटियां किसी क्षेत्र में बेटों से पीछे नहीं है। अभिभावक अपनी बेटियों का साथ दें।