पुरातत्व विभाग ने ऐतिहासिक स्थलों व भवनों का किया दौरा
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
पुरातत्व विभाग की उप निदेशक डॉ. बनानी भट्टाचार्य ने शुक्रवार को दादरी शहर के विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों और भवनों का दौरा किया। इसकी एक विशेष रिपोर्ट तैयार कर आगे की कार्य योजना तैयार की जाएगी। उपायुक्त ने लघु सचिवालय में प्राचीन स्मारकों के संरक्षण के लिए बुलाई बैठक में पुरातत्व विभाग की टीम को दादरी का सर्वे करने के निर्देश दिए थे।
शुक्रवार को विभाग की उप निदेशक डॉ. बनानी भट्टाचार्य ने छायाकार दरबार सिंह के साथ नगर के ऐतिहासिक सरोवर श्यामसर, संत स्वामी दयाल जी की समाधि, कीकरवासिनी के समीप स्थित दीवानखाना, मोहल्ला जींदवाड़ा स्थित सरदार झाड़ू सिंह की हवेली, ब्रिटिश काल में अंग्रेजी भाषा के अक्षर एम की शक्ल में बनाई गई राजकीय विद्यालय की इमारत तथा पुराने कुओं को देखा और उनके इतिहास के बारे में विस्तार से जानकारी ली। सरदार झाडू सिंह के वंशज परमजीत फौगाट ने उप निदेशक को बताया कि करीब चार सौ साल पहले बादशाह शाहजहां ने राजा जसवंत सिंह के अनुमोदन पर दादरी में उनके पूर्वज को चौदह गांवों की जागीर सौंपी थी। यह हवेली उस जमाने की है और यहां घुड़साल, हाथी शाला, कचहरी, कुएं, माल खाना आदि बने थे। इसी प्रकार जैन परिवार के दीवानखाना का शानदार भवन देखकर डॉ. भट्टाचार्य अभिभूत हो उठीं। उन्होंने शहर के बीचोंबीच बने श्यामसर सरोवर की भी काफी प्रशंसा की। उप निदेशक ने बताया कि जल्दी ही एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर दादरी के प्राचीन स्मारकों के संरक्षण की दिशा में ठोस कार्ययोजना बनाई जाएगी। इसमें संपत्ति के स्वामी की सहमति भी ली जाएगी।