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Jhajjar-Bahadurgarh News: 202 रोडवेज बसें बंद, 30 हजार यात्री हुए बेबस

Thu, 16 Nov 2023 01:47 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
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झज्जर/ बहादुरगढ़। अंबाला में परिचालक की हत्या के विरोध में 188 चालक,114 परिचालक और 48 क्लेरिकल स्टाफ हड़ताल पर चले गए और चक्का जमा कर दिया। इससे रोडवेज की 202 बसें खड़ी हो गई और करीब 30 हजार यात्री बेबस नजर आए। भैया दूज के त्योहार मनाने निकले यात्री बस अड्डो पर बसों के लिए भटकते रहे। निजि बसें चलीं लेकिन ये नाममात्र की थी। इनमें यात्रियों को बेतरकीब ढंग से भरा गया। लोग छतों पर बैठकर सफर करने को मजबूर हो गए। महिला और बच्चों का बुरा हाल रहा।
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चक्का जाम की घोषणा रात को ही कर दी गई थी। बुधवार सुबह चालक और परिचालक बस अड्डा परिसर के बीचो-बीच धरना देकर बैठ गए और सरकार के विरोध में नारेबाजी की।बसों को डिपो के बाहर नहीं जाने दिया गया। निजि बसों को भी अंदर नहीं घुसने दिया गया। ये बसें रोडवेज अडडे के बाहर से ही यात्रियों को ले रही थी। केवल 250 निजि बसें चलती हैं जो यात्रियों की भीड़ के आगे कम पड़ गई। हालत ये थी कि बस के आते ही यात्री उसमें चढ़ने के लिए डौड़ते थे। जमकर धक्का मुक्की हुई। यात्रियों ने बस की छतों पर बैठकर सफर करने को मजबूर होना पड़ा।

मांगे पूरी कर सरकार
कर्मचारी यूनियन के प्रधान विजय माजरा, रामबीर ने बताया कि अंबाला में हुई घटना के बाद यूनियन में रोष है। आरोपियों की गिरफ्तारी, मृतक चालक के परिजनों को मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग है। इसे लेकर ही मोर्चा की और कॉल पर हडताल की गई हैं। परिवहन मंत्री से कर्मचारी नेताओं की बैठक होगी। इसके बाद ही प्रदेश स्तर पर यूनियन निर्णय लेगी। संवाद
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लंबे रूटो पर जाने वाले यात्री रहें परेशान
लंबे मार्ग पर जाने वाले खासकर महिला यात्रियों को बुधवार को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पडा। हिसार, हांसी, यमुनानगर, महेद्रगढ़, कुरूक्षेत्र भिवानी, दिल्ली के अलावा अन्य प्रदेशों में जाने वाले यात्री इधर-उधर भटकते दिखाई दिए। निजि बस चालकों ने लंबे मार्ग की सवारी बसों में ली। गांव के छोटी दूरी की सवारी को नहीं लिया गया। इससे भी उन्हें परेशानी हुई।
यूनियन की मांग
-आरोपियों की गिरफ्तारी, हत्या का केस चले
-मृतक आश्रितों को 50 लाख रुपये मुआवजा
-शहीद का दर्जा मिले, एस सदस्य को सरकारी नौकरी


अपने भाई के घर नजफगढ़ से झज्जर आई हूं। झज्जर से भिवानी जाना है लेकिन कई घंटे इंतजार करने के बाद भी कोई बस नही मिली हैं। हड़ताल का बस अड्डे पर आकर पता चला है।
राजबाला, यात्री।
प्राइवेट बस में बैठकर गुरुग्राम से झज्जर आई हूं। बस में भीड़ से बुरा हाल हो गया है, लेकिन आगे मुझे बसाना जाना है। लेकिन काफी देर से कोई बस नही मिल रही हैं।
सरोज देवी,यात्री।
दादरी तोए से झज्जर बस अड्डे पर प्राइवेट बस में आई हूं भाई के घर पर भैया दूज का पर्व मनाने के लिए नजफगढ़ जाना है। लेकिन बस नही हैं।
दुर्गेश, यात्री।
गुरुग्राम से झज्जर निजी बस में आई हूंश्र भाई के घर भिवानी जाना है। कोई प्राइवेट बस भी नही मिल रही है। कई घंटे से इंतजार कर रही हूं। रोडवेज की हड़ताल का बस अड्डे पर आकर पता चला है।
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शकुतंला देवी।
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