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आंधी के साथ हुई दो एमएम बारिश, मंडियों में भीगा एक लाख क्विंटल अनाज

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झज्जर। वीरवार की शाम को अचानक मौसम में बदलाव आया और आंधी के साथ बारिश भी हुई। इससे अनाज मंडियों में पड़ा करीब एक लाख क्विंटल अनाज भीग गया। वहीं गोदाम भरने के बाद खुले आसमान के नीचे भंडारण किए गए अनाज के कट्टे भी भीग गए हैं। मौसम में बदलाव को देखते हुए आढ़तियों ने सरसों व गेहूं को ढक दिया था। लेकिन आंधी के कारण उनके तिरपाल उड़ गए और वर्षा के पानी से अनाज भीग गया है। शाम के समय करीब दो एमएम वर्षा हो चुकी थी और रुक-रुक कर बादलों की गर्जन के साथ बूंदाबांदी का दौर जारी था। अनाज मंडियों में अप्रैल की शुरुआत में हुई बारिश से भीगा हुआ अनाज अभी तक ढेरों के नीचे से निकाला भी नहीं गया था कि एक बार फिर से वर्षा के कारण अनाज फिर भीग गया है।
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भंडारण क्षमता 26 हजार एमटी, गेहूं खरीद का लक्ष्य 2.15 लाख एमटी
अनाज मंडियों में खरीदे जाने वाले गेहूं के भंडारण के लिए कवर्ड गोदाम भी पूरे नहीं हैं। जिले में गेहूं खरीद के लिए 2.15 लाख एमटी गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा गया है। जबकि एक लाख तीस हजार एमटी गेहूं की खरीद हो चुकी है। इस बार इन गोदामों में सरसों का भंडारण भी किया गया है। इससे स्पेस और भी कम हो गया है। लेकिन कवर्ड गोदामों की क्षमता को देखा जाए तो जिला में खाद्य आपूर्ति विभाग व हैफेड के पास मात्र 26 हजार एमटी के गोदाम हैं। इन गोदामों में एक मंडी के गेहूं भी कवर्ड एरिया में नहीं आ रहे हैें और बाकी बचे हुए गेहूं को खुले आसमान के नीचे भंडारण किया जा रहा है। खरीद एजेंसियों के पास खुले आसमान के नीचे गेहूं का भंडारण करने के अलावा कोई चारा नहीं है।

ठंडी हवाओं ने दी राहत, बिजली कट ने बढ़ाई परेशानी
बारिश के बाद चली ठंडी हवाओं के कारण लोगों ने गर्मी से राहत की सांस ली। दिन भर गर्म हवाओं ने लोगों का जीना मुहाल किया हुआ था। लेकिन शाम करीब साढे़ चार बजे मौसम में एकाएक बदलाव आया और आसमान में काली घटाएं छा गई। कुछ देर बाद धूल भरी आंधी के बाद वर्षा का दौर शुरू हो गया। वहीं बिजली गुल होने के कारण लोगों की परेशानियां भी बढ़ गई थी।
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आंधी के कारण ब्रेक डाउन हुई लाइनें
वीरवार की शाम आई आंधी के कारण शहर की बिजली आपूर्ति प्रभावित हो गई थी। पावर हाउसों से निकलने वाले कई फीडरों में आई खराबी के कारण शहर सहित आसपास के गांवों में भी बिजली गुल हो गई थी। बिजली निगम केे कर्मचारी बिजली आपूर्ति बहाल करने के प्रयास में जुटे हुए थे। लोगों को बिजली गुल होने के कारण मच्छरों से भी दो चार होना पड़ा।

आंधी के कारण पेड़ गिरने से तार टूट गए हैं। लाइनों को ठीक करने का का कार्य शुरू कर दिया गया है। नुकसान का आकलन भी लिया जा रहा है। पहले बिजली आपूर्ति बहाल करना प्राथमिकता है। जिन क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति नहीं हैं उन क्षेत्रों की लाइनों की पेट्रोलिंग की जा रही है।
संदीप जैन, एसई, बिजली निगम, झज्जर।

आढ़तियों को पहले ही बोला चुका है कि वे अनाज को ढकने के पुख्ता प्रबंध रखें। लेकिन वर्षा से पहले आई आंधी ने तिरपाल उड़ा दिए। उसके बाद वर्षा आ गई, इससे अनाज भीगा है। लेकिन रात को अधिक वर्षा नहीं आई तो सुबह धूप निकलने के बाद काफी हद तक अनाज सूख जाएगा।
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देवेंद्र सिंह, डीएम हैफेड, रोहतक।
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