अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर। महिला दिवस के मौके पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में झज्जर की डॉ. अनिता भारद्वाज को सम्मानित करने के लिए आमंत्रित किया गया है। इससे पूर्व भी वे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों महिलाओं के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘नारी शक्ति पुरस्कार-2018’ से सम्मानित हो चुकी हैं। डॉ. भारद्वाज को उक्त सम्मान उच्च उक्तांश क्षेत्रों में लोगों को उल्लेखनीय चिकित्सा सुविधा देने के उपलक्ष्य में प्रदान किया गया था। डॉ. अनिता को उच्च उक्तांश क्षेत्रों में मेडिकल सेवाएं देने के लिए पूर्व में भी कई राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय पुरस्कारों से सम्मानित किया चुका है। 2017 में उन्हें ई-गवर्नेंस पुरस्कार, 2016 में हरियाणा सरकार द्वारा कल्पना चावला शौर्य पुरस्कार के अलावा दिल्ली सरकार द्वारा उन्हें वुमन एचीवमेंट पुरस्कार से नवाजा जा चुका है।
इसलिए किया गया डॉ. अनिता को सम्मानित
डॉ. भारद्वाज अब तक कई दुर्गम स्थानों पर मेडिकल सेवाएं दे चुकी हैं। वे सिक्स सिग्मा हाई ऑल्टीट्यूड मेडिकल रेस्क्यू द्वारा लगाए गए विभिन्न मेडिकल कैंपों में अब तक 53,889 पीड़ित महिलाओं को प्राथमिक चिकित्सा सेवा दे चुकी हैं। कैलाश मानसरोवर यात्रा में उन्होंने डोल्मा पास में 19500 फीट की ऊंचाई पर 750 पीड़ितों को चिकित्सा सहायता देकर उनकी जान बचाई थी। 2015 में नेपाल में आए भीषण भूकंप के दौरान गोरखा जिले में सिक्स सिग्मा हाई ऑल्टीट्यूड मेडिकल रेस्क्यू टीम के साथ सबसे पहले पहुंचकर आपदा से पीड़ित 1700 से अधिक लोगों की सहायता की थी। इसके अलावा 2014 में अमरनाथ यात्रा के दौरान 11,290 श्रद्धालुओं को चिकित्सा सेवा देकर उनको नवजीवन प्रदान किया था।
डॉ. अनिता के साथ 80 चिकित्सकों की टीम
सिक्स सिग्मा हाई ऑल्टीट्यूड मेडिकल रेस्क्यू, सिक्स सिग्मा हेल्थकेयर प्रा. लि. की अनुषंगी इकाई है, जिसके अंतर्गत कंपनी उच्च उक्तांश क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदा, भूकंप एवं बाढ़ से पीड़ितों को चिकित्सा सेवाएं देती हैै। कंपनी सरकारी सहायता के बगैर उक्त कार्य करती है। कंपनी के पास दुर्गम क्षेत्रों में कार्य करने वाले 80 चिकित्सकों और 400 वॉलंटियरों की प्रशिक्षित टीम है, जो प्राकृतिक आपदा के दौरान किसी भी कठिनाई से निबटने में समक्ष है।