अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़। हाईवे के लिए अधिग्रहण की गई जमीन के मुआवजे में बढ़ोतरी को लेकर धरने पर बैठे छारा के ग्रामीणों को चौटाला गांव व दिल्ली देहात का समर्थन मिला। इसके साथ ही किसानों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर किसानों की समस्या के निवारण के लिए गठित अधिकारियों की गई टीम में गांव के किसान को शामिल करने की मांग की है। रमेश दलाल के नेतृत्व में किसानों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। उचित मुआवजे की मांग को लेकर सोमवार को 15वें दिन रमेश दलाल के नेतृत्व में किसान धरने पर बैठे। रविवार को महापंचायत में यह फैसला लिया गया था कि किसानों का भी प्रतिनिधि इस समिति में शामिल होना चाहिए। किसानों की ओर से रमेश दलाल ने ज्ञापन में लिखा कि सभी पक्षों की सुनवाई के बिना पूर्ण न्याय संभव नहीं है, अत: किसानों के नुमाइंदे को भी समिति में शामिल किया जाए। चौटाला गांव की ओर से स्व. देवीलाल के पुत्र कर्ण चौटाला किसानों की मांगों का समर्थन करने के लिए धरना स्थल पर पहुंचे। कर्ण चौटाला ने कहा की मैं राजनीति के हिसाब से नहीं आया हूं, मैं तो जो आपको 877 गांवों का समर्थन मिल चुका है उसे 878 करने आया हूं। उन्होंने चौटाला गांव की तरफ से समर्थन देते हुए विश्वास दिलाया कि छारा गांव के हर संघर्ष में चौटाला गांव साथ खड़ा है। उनके साथ नफे सिंह राठी, ओम पहलवान डीघल, राजबीर परनाला, मोहित चतर सिंह, बलराज खरहर आदि धरनास्थल पर पहुंचे थे। रमेश दलाल ने बताया कि दिल्ली देहात ने भी छारा गांव के किसानों के न्याययुद्ध में छलांग लगा दी है। वहीं, नरेश जून व बलवान सुहाग के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में जजपा कार्यकर्ता किसानों को समर्थन देने के लिए धरना स्थल पर पहुंचे। जसौर खेड़ी गांव से भी कृष्ण, राज सिंह, मंजीत, ओमप्रकाश व मोनू पंडित आदि धरनास्थल पर पहुंचे व समर्थन दिया।