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सवारियों को लेकर निजी बस के चालक, परिचालक व रोडवेज कर्मियों में हुआ विवाद

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बहादुरगढ़। बस अड्डा परिसर में वीरवार की सुबह सवारियों को लेकर निजी बस के चालक, परिचालक और रोडवेज कर्मियों के बीच विवाद हो गया। रोडवेज कर्मियों ने निजी बस के चालक, परिचालक पर समय से पहले जबरन सवारियां भरने के आरोप लगाए। इसके बाद निजी बस से सवारियों को उतारकर रोडवेज की बस में बैठा दिया गया।
एक सहकारी समिति की बस वीरवार की सुबह दिल्ली से बहादुरगढ़ के लिए चली। इस बस में झज्जर की सवारियां भी बैठा ली गईं। सुबह करीब 11 बजे उक्त बस बहादुरगढ़ पहुंची। यहां उक्त बस के परिचालक ने झज्जर के लिए उनकी बस में सवार हुई 13 सवारियां दूसरी बस में बैठानी चाही और उनका किराया परिचालक को सौंप दिया। अड्डे में रोडवेज की बस देखकर यात्रियों ने निजी बस में जाने से इनकार कर दिया। यात्रियों ने कहा कि वे रोडवेज बस में झज्जर जाएंगे, किराया वापस कर दो लेकिन परिचालक ने रुपये वापस करने से इनकार कर दिया। जिस बस में सवारियां चढ़ाई जा रही थी उसका समय सवा 11 बजे का था, इससे पहले रोडवेज की बस लाइन में थी। निजी बस में सवारियां जबरन चढ़ाते देख रोडवेज बस के चालक व परिचालक वहां पहुंचे। उन्होंने निजी बस के परिचालक से कहा कि जब तुम्हारा टाइम ही नहीं है तो क्यों सवारियां बैठा रहे हो। इस बात पर दोनों पक्षों में विवाद गहरा गया। देखते ही देखते मौके पर भीड़ जुट गई। रोडवेज के डीआई सहित कई कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। रोडवेज के डीआई ने दोनों पक्षों की बात सुनी और इसके बाद यात्रियों से भी पूछताछ की। डीआई के समक्ष यात्रियों ने पूरी सच्चाई बताई तो निजी बस के परिचालक से किराया वापस लेकर 13 सवारियों को वापस किया गया और उन्हें स्टैंड पर लगी रोडवेज बस में चढ़ाया गया। इस दौरान निजी बस के चालक व परिचालक बस का परमिट भी नहीं दिखा पाए।
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रोडवेज कर्मी भगवान सिंह ने कहा कि निजी कंपनियों की बसें परिवहन निगम को तो चूना लगाती ही हैं, यात्रियों को भी धोखा दे रही हैं। जिस रूट पर जाना नहीं होता उसकी सवारियां भी बैठा लेते हैं और उन्हें फिर दूसरी निजी बस में बैठा देते हैं। वीरवार को भी ऐसा ही हुआ। अड्डे में खड़ी जिस निजी बस में सवारियों को जबरन चढ़ाया जा रहा था उसका टाइम सवा 11 बजे का था, लेकिन रोडवेज बस के टाइम पर उसमें सवारियां भरी जा रही थी। चालक, परिचालक इस बस का परमिट भी नहीं दिखा पाए। उन्होंने कहा कि काफी निजी बसें ऐसी चल रही हैं, जिनका अगस्त में परमिट पूरा हो चुका है लेकिन ये बसें अब भी धड़ल्ले से चल रही हैं।
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अधिकारियों को करेंगे शिकायत : डीआई
निजी बस में टाइम से पहले ही सवारियां बैठाई जा ही थी। इसलिए यात्रियों को परिचालक से किराया वापस दिलाकर रोडवेज की बस में बैठा दिया गया। इस संबंध में ऊपरी अधिकारियों को भी शिकायत की जाएगी।
धर्मवीर राठी, डिपो इंचार्ज, बहादुरगढ़

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