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बैंको की हड़ताल से अटके लोगों के काम, 110 करोड़ का लेन-देन प्रभावित

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बैंकों की हड़ताल से अटके लोगों के काम, 110 करोड़ का लेन-देन प्रभावित
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। बैंकों की हड़ताल की वजह से जिले भर में करीब 110 करोड़ का लेन-देन ठप रहा। बैंक कर्मचारी संशोधित वेतनमान दिए जाने की मांग कर रहे हैं। बुधवार को सुबह ही बैंकों के मेन गेट पर ताला लगा दिया गया। हड़ताल की वजह से आम बैंक ग्राहकों के अलावा व्यापारियों, प्रतिष्ठान मालिकों व दुकानदारों को काफी परेशानी हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों से काफी संख्या में बैंक ग्राहक बैंकों में पहुंचे लेकिन उन्हें वापिस लौट लौटना पड़ा।
ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में स्थित सभी सरकारी बैंक बंद रहे। इसकी वजह से नगद लेन-देन, चेक भुगतान, ऋण व पेंशन संबंधी कामकाज नहीं हो सके। वहीं, बाढड़ा कस्बे में स्थित सभी सरकारी बैंकों में हड़ताल रही। पीएनबी, एसबीआई, बैंक ऑफ इंडिया सहित सभी सरकारी बैंक बंद रहे।
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नहीं निकले पैसे, मायूस होकर पड़ा लौटना
पीएनबी से पैसे लेनेे आया था लेकिन बंद है। बैंकों की हड़ताल का मुझे पता नहीं था। गर्मी के मौसम में काफी कठिनाई झेलनी पड़ी। दो दिन की बैंक हड़ताल से काफी परेशानी होगी।
- कृष्ण कुमार, समसपुर निवासी
मैं पेंशन लेने पीएनबी में आई थी लेकिन हड़ताल होने के कारण काम नहीं हुआ। बिना पेंशन लिए ही वापिस लौटना पड़ रहा है। आने-जाने में समय व पैसे की बर्बादी हुई।
मुन्नी देवी, जावा निवासी
एसबीआई में अपने खाते से पैसे निकलवाने आया था। बैंक पहुंचा तब हड़ताल का पता चला। बैंक के गेट पर ताला लटका है और पैसे की सख्त जरूरत है। लेकिन हड़ताल ने काम खराब कर दिया।
- राजेंद्र, मोरवाला निवासी
एसबीआई खाते से पैसे लेने आया था लेकिन ताला लटका मिला। अब बैरंग ही घर वापस लौटना पड़ेगा। दो दिन की बैंक हड़ताल से काफी परेशानी होगी।
- सतबीर, टिकान कलां निवासी
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बैंक कर्मचारियों को नवंबर 2017 से संशोधित वेतन नहीं मिल रहा है। सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है । इसके रोष में बैंकों के सभी कर्मचारी दो दिन की हड़ताल पर हैं।
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- मंदरूप, पीएनबी मैनेजर, नांधा शाखा

सरकारी क्षेत्र के सभी बैंक कर्मचारी 31 मई तक हड़ताल पर रहेंगे। नवंबर 2017 से वे संशोधित वेतनमान दिए जाने की मांग कर रहे है लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो पा रही है।
- सतबीर सिंह, कैनरा बैंक मैनेजर
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