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फायर ब्रिगेड छोटी है, कैसे बचेगा खेतों में खड़ा किसानों का सोना 22-36-47

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अमर उजाला ब्यूरो
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बहादुरगढ़।
तापमान में वृद्धि के साथ ही गेहूं की फसल तेजी से पकाव की ओर बढ़ रही है। सरसों के बाद जौं की फसल तो आजकल मंडियों में बिक ही रही है। अब किसानों के समक्ष खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को सुरक्षित घर और मंडी में लाने की चुनौती है। लेकिन जिले में फायर ब्रिगेड के इंतजाम जरूरत के मुकाबले पर्याप्त नहीं हैं। पिछले साल हुई फसल जलने की घटनाओं की याद आते ही किसानों की चिंता बढ़ जाती है।
झज्जर जिले में इस बार 1.03 लाख हेक्टेयर जमीन में गेहूं की फसल है। बहादुरगढ़ उपमंडल में 30 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल है। अगेती किस्में तो लगभग पक चुकी हैं और कटाई शुरू होने वाली है। गर्मी बढ़ने के साथ-साथ बाकी किस्में तेजी से पकाव की तरफ बढ़ रही हैं। फसल पकने के साथ ही अपनी महीनों की मेहनत को घर लाने के लिए किसानों की चिंता भी बढ़ने लगी है। किसान अपनी फसल को आग से बचाने के लिए चिंतित हैं। लेकिन जिले में फायर ब्रिगेड विभाग के पास संसाधनों का अभाव है। विभाग के पाय न पर्याप्त गाड़ियां हैं, न ही पर्याप्त कर्मचारी।
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दमकल अधिकारी टीआर पालीवाल का कहना है कि इस बार फसल को आग से बचाने के लिए उपलब्ध संसाधनों के हिसाब से पर्याप्त उपाय किए गए हैं। बहादुरगढ़ में एक दमकल गाड़ी बढ़ाई गई है। अब सात गाड़ी हो गई हैं। गर्मी के मौसम में बढ़ती जरूरत को देखते हुए दमकल कर्मियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं। सभी कर्मचारी 24 घंटे मुस्तैद रहते हैं।
साल 2017 में 98 एकड़ गेहूं की फसल हुई थी स्वाहा
पिछले साल जिले में लगभग 98 एकड़ फसल जलकर नष्ट हो गई थी। अकेले छारा गांव में ही 20 एकड़ से ज्यादा फसल जल गई थी। बहादुरगढ़ फायर ब्रिगेड को पिछले एक साल में 350 फायर कॉल व रेस्क्यू कॉल आई थी। जबकि झज्जर दमकल केंद्र में 432 काल आई थी। झज्जर केंद्र को 219 काल तो अकेले अप्रैल व मई 2017 में फसल कटाई के सीजन में आईं।

169 कर्मचारियों की है कमी
फिलहाल जिले के चारों दमकल केंद्रों में 12 दमकल गाड़ी चालू हालत में हैं। जिन पर कुल 47 कर्मचारी तैनात हैं। नियम के मुताबिक एक गाड़ी पर आठ घंटे की एक शिफ्ट में 6 कर्मचारी होने चाहिए। उनमें एक ड्राइवर, एक इंचार्ज, एक टेलीफोन आपरेटर व तीन फायर मैन शामिल होते हैं। एक दिन में तीन शिफ्ट होती हैं। इस प्रकार जिले की कुल 12 गाड़ियों की कुल 36 शिफ्ट बनती हैं और 36 शिफ्टों के लिए 216 कर्मचारियों की टीम होनी चाहिए।
जिले में दमकल केंद्रों की स्थिति
झज्जर जिले में दमकल केंद्रों की स्थिति पर नजर डाली जाए तो जिले में कुल चार फायर स्टेशन हैं। झज्जर में एक और बहादुरगढ़ में तीन फायर स्टेशन हैं। इनमें एक एमआईई पार्ट-ए में, दूसरा इंदिरा मार्केट में पार्क के साथ और तीसरा एचएसआईआईडीसी सेक्टर-16-17 में स्थित है।

जिले में दमकल गाड़ियां और कर्मचारी
कितने स्टेशन गाड़ियां कर्मचारी कच्चे पक्के
चार स्टेशन 12 47 28 19
झज्जर में 5 गाड़ी 13 9 4

बहादुरगढ़ फायर ब्रिगेड में यह है मैन पावर की स्थिति
तीन फायर स्टेशन 7 गाड़ी 34 कर्मचारी 18 कच्चे 16 पक्के

एमआइई दमकल केंद्र 1 बड़ी व दो छोटी 13 कर्मचारी 7 कच्चे 6 पक्के
इंदिरा मार्केट 2 बड़ी व 1 छोटी 12 कर्मचारी 5 कच्चे 7 पक्के
एचएसआईआईडीसी 1 गाड़ी 9 कर्मचारी 6 कच्चे 3 पक्के

किसान भाई ये रखें सावधानी
- गेहूं की फसल के ऊपर से या आसपास से बिजली की तारें निकल रही हैं तो उन पर लगातार नजर रखें।
- ट्यूबवेल के ट्रांसफार्मर पर ध्यान दें, इससे भी चिंगारी निकल फसल को नुकसान कर सकती है।
- फसल के आसपास हुक्का या बीड़ी-सिग्रेट पीते वक्त सावधानी रखें, इनकी चिंगारी खतरनाक हो सकती है।
- फसल के आसपास कार, बाइक व ट्रैक्टर आदि ले जाएं तो सतर्क रहें। इनमें से भी पतंगा निकल जाता है।
- अगर आग लग जाए तो तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचित करें और अपने स्तर पर भी बचाव कार्य शुरू करें।
- जलती फसल के अगले ही हिस्से की बची फसल में हैरो से जुताई शुरू कर दें, ताकि आग आगे न बढ़ पाए।
- टीआर पालीवाल, फायर ऑफिसर बहादुरगढ़।

इन फोन नंबरों से मांगें मदद
आपातकाल में बहादुरगढ़ फायर ब्रिगेड से संपर्क करने के लिए निर्धारित फोन नंबर 101 पर कई बार संपर्क नहीं हो पाता। इसलिए बहादुरगढ़ फायर ब्रिगेड ने जरूरत में संपर्क करने के लिए फोन नंबर 230500, 268669 और 298444 की व्यवस्था की है। झज्जर में 101 के अलावा फोन नंबर 257213 नंबर पर संपर्क करके आग लगने या आपात काल में बचाव के लिए मदद मांगी जा सकती है।
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फायर ब्रिगेड के विशेष इंतजाम करने की मांग
फसल को आग से बचाने के लिए प्रशासन गंभीर नहीं है। दरअसल अधिकारियों व सरकार को किसानों की चिंता ही नहीं है। सरकार अरबों रुपये तरह-तरह के गैर जरूरी कार्यक्रमों में व्यर्थ बहा देती है। लेकिन किसानों की उस फसल को आग से बचाने के लिए कुछ नहीं करती जो फसल इंसान का पेट भरती है। गेहूं की कटाई के लिए तैयार या कटी फसल को आग से बचाने के लिए सरकार को ग्रामीण क्षेत्र में हर 20 किलोमीटर वर्ग क्षेत्र में विशेष फायर ब्रिगेड की व्यवस्था करनी चाहिए।
- चौ. प्रताप सिंह, प्रधान, बीकेयू बहादुरगढ़।
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