अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
वित्त वर्ष 2018-19 के आम बजट को सत्तारूढ़ दल ने सभी क्षेत्रों व वर्गों के लिए हितकारी और विपक्षी नेताओं ने कहा कि इस बजट से किसी भी वर्ग को फायदा नहीं होगा।
सभी वर्गों का हितैषी है बजट : कौशिक
भाजपा विधायक नरेश कौशिक ने बजट को किसान व कमेरे वर्ग के हितों को सुरक्षित रखने के साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य सुधार और आधारभूत ढांचागत विकास के रूप में सफलतम बजट बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसान की फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य कम से कम डेढ़ गुना तक ले जाने का निर्णय लिया है। शिक्षा बजट बढ़ाया है। गंदगी मिटाने के लिए दो करोड़ शौचालय बनाने का लक्ष्य लिया है। रक्षा क्षेत्र व श्रमिक कल्याण के लिए भी पर्याप्त धनराशि की व्यवस्था की गई है।
किसानों के लिए कुछ नहीं : बुल्लड़
पहलवान बुल्लड़ दलाल ने कहा कि बजट में सरकार ने 2020 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य बताया है, लेकिन इसके लिए प्रमाणों के साथ ठोस उपाय नहीं बताए हैं। कर्ज में दबे किसान आत्महत्या कर रहे हैं। गांवों में इंटरनेट पहुंचाने से पहले सरकार गांव स्तर की स्कूली शिक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में कोई कदम उठाती तो बेहतर होता। किसानों को सीधे फसल बिक्री की बात करना भी दिखावा मात्र है। बजट से सरकार ने कीटनाशक और कृषि उपकरण तक कुछ सस्ता नहीं किया।
बजट में सिर्फ आंकड़ों का खेल : जून
कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह जून ने कहा कि भाजपा सरकार का यह बजट सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी है। इससे देश के गरीब, आम आदमी, किसानों, युवाओं, कर्मचारियों, महिलाओं को कोई फायदा नहीं होगा। जिस तरह से भाजपा ने जनविरोधी नीतियां जनता पर थोपी हैं, उससे देश की अर्थव्यवस्था नीचे गई है। पेट्रोल, डीजल के बढ़ते दामों की वजह से महंगाई ने आम आदमी का जीना दुश्वार कर दिया है।
त्रस्त जनता को नहीं मिली राहत : राठी
जिला इनेलो अध्यक्ष कर्मबीर राठी ने कहा कि इस बजट में छोटे दुकानदारों, कर्मचारियों व किसानों के लिए कुछ नहीं दिया गया है। आयकर दाताओं के लिए करमुक्त आय सीमा में थोड़ी सी भी बढ़ोतरी नहीं करना शर्मनाक है। पहले नोटबंदी व फिर जीएसटी की वजह से हलकान हुए आम लोगों को अब आम बजट के जरिये भी राहत देने की कोशिश नहीं की गई है। भाजपा सरकार को जनता की चिंता नहीं है।