अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
आग बुझवाने के बाद पंचायतें फायर टैक्स देना ही भूल गई हैं। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि पिछले करीब चार साल से जिले की पंचायतों ने दमकल विभाग का बकाया नहीं चुकाया है। जिसके चलते अब यह राशि करीब पौने 2 लाख तक पहुंच चुकी है। विभाग के द्वारा भी पंचायतों को फायर टैक्स चुकाने के लिए पूरा समय दिया गया था। लेकिन पंचायतें इस बात को लेकर जागरूक ही नहीं हैं कि उन्हें इस प्रकार का कोई टैक्स भी देना पड़ता है। ऐसे में हालात ये बन गए हैं कि दमकल विभाग के द्वारा फायर टैक्स न चुकाने वाली पंचायतों को नोटिस दे रही हैं। ऐसे मेें अब देखना यह होगा कि पंचायतें इन नोटिसों का विरोध करती हैं या फिर तय समय में पैसे जमा करवाती हैं।
सबसे अधिक बकाया वाले पंचायतें
मातनहेल 10 हजार
दूबलधन 6600
डीघल 5100
जहाजगढ़ 4700
बिरधाना 3800
गिरधरपुर 3600
बिरोहड़ 3400
झज्जर में सबसे कम फायर टैक्स
नपा के दमकल विभाग के द्वारा लिए जाने वाले वाला फायर टैक्स आसपास के जिलों से सबसे कम है। दमकल विभाग द्वारा आग बुझाने जाने वाली गाड़ियों का ग्राम पंचायतों से हर घंटे के हिसाब से 100 रुपये चार्ज वसूला जाता है। जबकि आसपास के जिलों में दमकल विभाग द्वारा 400 से 500 रुपये तक वसूल किए जा रहे हैं। इसलिए झज्जर नपा द्वारा भी चार्ज बढ़ाने के लिए मुख्यालय प्रस्ताव भेजा रहा है। जिसके बढ़ने पर ही दमकल विभाग की आमदनी के रास्ते खुलेंगे। क्योंकि दमकल को नपा से अलग विभाग बनाया जा चुका है।
खस्ताहाल में है दमकल विभाग का भवन
दमकल विभाग के हालात पिछले काफी दिनों से खस्ताहाल रहे हैं। दमकल विभाग की गाड़ियों के टायर तक कंडम थे, जिन्हें काफी समय बाद नपा के द्वारा बजट दिया गया है। वहीं, नपा का भवन भी काफी खस्ताहाल हो चुकी है। दमकल विभाग के कर्मचारी भय के साए में काम कर रहे हैं। स्टाफ के हालात भी दमकल विभाग में अच्छे नहीं है। जिसके चलते कर्मचारियों से डबल ड्यूटी करनी पड़ रही है।
वर्जन
पंचायतों पर करीब पौने 2 लाख रुपये का फायर टैक्स बकाया है। पंचायतों को टैक्स जमा करवाने के लिए दमकल विभाग की ओर से नोटिस दिए जा रहे हैं। वहीं दमकल विभाग की ओर से फायर चार्ज को बढ़वाने के लिए भी मुख्यालय को पत्र लिखा जा रहा है।
- बिजेंद्र डागर, फायर ऑफिसर, दमकल विभाग झज्जर।
- 72 पंचायतों पर दमकल विभाग का बकाया है पौने 2 लाख