अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
आखिर कब चालू हो पाएंगी शहर में लगी ट्रैफिक लाइटें। जी हां! शहर की जनता नगर परिषद अधिकारियों से बार-बार यही सवाल पूछ रही है कि शहर में 25-30 लाख रुपये खर्च करके लगाई गई ट्रैफिक लाइटें। इन्हें चालू ही नहीं करना तो इसके लिए बार-बार क्यों पैसे खर्च किए जा रहे हैं। नगर के व्यस्त स्थानों पर यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए ये लाइटें करीब तीन माह पहले लगाई गई थीं। मगर अब तक भी चालू नहीं हो पाई हैं।
दरअसल, नगर परिषद ने शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारू करने के लिए कई बार ट्रैफिक लाइटों का प्रयोग किया, मगर ये एक बार भी सही तरह से चालू नहीं हो पाई। अब तीसरी बार शहर में तीन महीने पहले ट्रैफिक लाइटें लगाई गईं, मगर अब तक चालू नहीं हो पाई हैं। इससे न केवल सरकारी पैसे का दुरुपयोग हो रहा है बल्कि शहरवासी भी अफसरों से लगातार यही सवाल कर रहे हैं कि जब रेड लाइटें चालू ही नहीं हो पाती हैं तो क्यों लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं।
इसलिए चालू नहीं हो रही लाइटें
शहर में विभिन्न चौक-चौराहों पर लगी रेड लाइटें इसलिए चालू नहीं हो पा रही कि बिजली निगम की ओर से इन ट्रैफिक लाइटों को चालू करने के लिए बिजली कनेक्शन नहीं दिया जा रहा। बिजली निगम व नगर परिषद एक-दूसरे की ओर अपना बकाया निकाल रहे हैं। दोनों की इस लड़ाई की वजह से ट्रैफिक लाइट नहीं चल पा रहीं और लोगों को सुविधा नहीं मिल पा रही।
अभी कोई उम्मीद नहीं
शहर में लगी ट्रैफिक लाइटें तब तक चालू नहीं होगी, जब तक नगर परिषद और बिजली निगम का आपस में हिसाब न निपट जाए। अभी यह कह पाना पूरी तरह मुश्किल होगा कि ये लाइटें जल्द चालू हो पाएंगी या नहीं। बिजली कनेक्शन लगाने को लेकर नगर परिषद व बिजली निगम अधिकारियों के बीच कई बार मीटिंग भी हुई, लेकिन समस्या का अब तक कोई हल नहीं निकल पाया है। इसलिए अभी कोई उम्मीद नहीं नजर आ रही है कि ट्रैफिक लाइटें चालू होंगी।
एक-दूसरे पर कितना पैसा है बकाया
नगर परिषद अधिकारियों का कहना है कि परिषद का बिजली निगम की तरफ करीब तीन करोड़ बकाया है। जबकि निगम सूत्र बताते हैं कि बिजली निगम का नगर परिषद की तरफ साढ़े चार करोड़ बकाया है। सामाजिक कार्यकर्ता नरेश का कहना है, यह तो समय ही बताएगा कि स्थिति किस तरह साफ होगी और ये लाइटें कब चालू होंगी। लेकिन फिलहाल नगर परिषद और बिजली निगम के अधिकारियों को बैठकर जनसुविधा के लिए इन लाइटों को चालू कराना चाहिए।
ट्रैफिक पुलिस ने नप को भेजा पत्र
ट्रैफिक पुलिस के एएसआई सतीश कुमार ने बताया कि ट्रैफिक लाइटों को चालू कराने के लिए नगर परिषद अधिकारियों को पत्र भेजकर इन्हें चालू कराने की मांग की गई है। मगर परिषद की तरफ से किसी तरह का कोई रिस्पांस नहीं मिला है। पत्र का जवाब तक नहीं आया है।
कहां-कहां लगी हैं रेड लाइटें
शहर के सबसे व्यस्त चौक रेलवे रोड मोड़, नाहरा-नाहरी मोड़, मेन बाजार के नजदीक, झज्जर मोड़ के नजदीक के अलावा झज्जर रोड पर बादली चुंगी के पास ट्रैफिक लाइटें लगाई गई हैं। फिलहाल इन्हीं स्थानों पर सुबह व शाम के समय जाम ज्यादा लगता है। मगर चालू न होने के कारण ये मात्र शो-पीस बनी हुई हैं।
क्या कहते हैं नप अधिकारी
नगर परिषद के एमई भारत भूषण ने कहा कि ट्रैफिक लाइटों के चालू कराने के लिए बिजली निगम को कनेक्शन के लिए आवेदन किया गया। निगम उच्चाधिकारियों से बातचीत भी हुई है। अधिकारियों की ओर से जल्द मीटर लगाए जाने की बात कही गई है। उम्मीद है कि बिजली कनेक्शन जल्द हो जाएगा और रेड लाइटें चालू हो जाएंगी।
क्या कहना है निगम का
बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता संदीप जैन का कहना है कि नगर परिषद की ओर से तीन-चार महीने से किसी तरह का कोई बिजली मीटर एप्लाई नहीं किया गया है। यदि बिजली मीटर एप्लाई किया जाता है तो वे इसमें उनकी मदद करेंगे। वे जनसुविधा के लिए हर समय तैयार हैं।
- ट्रैफिक लाइटों पर बार-बार खर्च किया जा रहा पैसा
- पहले नगर परिषद से अपना बकाया मांग रहा बिजली निगम
-रेलवे रोड मोड़, नाहरा-नाहरी मोड़, झज्जर मोड़ व बादली चुंगी पर लगी हैं ट्रैफिक लाइटें