झज्जर। जिले की आठ अनाज मंडियों में गेहूं की व पांच अनाज मंडियों में सरसों की खरीद का कार्य निरंतर जारी है। झज्जर की अनाज मंडी में मंगलवार को धीमी गति से सरसों की खरीद की गई है। झज्जर, बेरी, बहादुरगढ़, माजरा डी, मातनहेल, छारा, आसौदा व ढाकला की अनाज मंडियों गेहूं की खरीद की जा रही है। लेकिन उठान कार्य धीमा होने और गेहूं की आवक तेज होने के कारण किसानों को अनाज मंडियों में गेहूं डालने की जगह नहीं बची है। इसकी वजह से किसानों को ही नहीं, बल्कि आढ़तियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिला भर में 12 लाख क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है। जबकि करीब छह लाख क्विंटल गेहूं का उठान हो पाया है। जिसकी वजह से किसानों की करोड़ों रुपये की राशि भी खरीद एजेंसियों की तरफ अटकी हुई है। जब खरीदा गया गेहूं गोदामों तक नहीं पहुंचा है। जब गेहूं गोदामों में पहुंच जाएगा। उसके बाद ही किसानों को खरीद एजेंसियों की तरफ से राशि जारी की जाएगी। उस समय तक किसानों को पैसे के लिए इंतजार करना पड़ेगा।
धीमी गति से हो रही सरसों की खरीद
जिले की अनाज मंडियों में सरसों की खरीद और उठान कार्य दोनों धीमी गति से चल रहे हैं। सोमवार की शाम तक जिले की मंडियों तीन लाख 82 हजार क्विंटल से अधिक सरसों की खरीद हो चुकी है। इसमें से 75 प्रतिशत सरसों का ही उठान हो पाया है। जबकि 25 प्रतिशत सरसों अभी तक अनाज मंडियों में ही पड़ी हुई है और किसान सरसों के भुगतान के लिए इंतजार कर रहे हैं।
किसानों को आढ़तियों की दुकानों पर चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ रहा है। सरसों की खरीद का कार्य मंगलवार को शुरू तो हुआ है, लेकिन काफी धीमी गति से खरीद हो रही है। जबकि गेहूं की खरीद का कार्य ठीक चला है।
चांद सिंह पहलवान, प्रधान, अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन, झज्जर।
सरसों और गेहूं की खरीद निरंतर चल रही है। उठान का कार्य भी चल रहा है। सभी एजेंसियों की तरफ से अनाज का बिलों के हिसाब से भुगतान भी किया जा रहा है।
अशोक शर्मा, डीएफएससी, झज्जर।