अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। अग्रसेन धर्मशाला के समीप सड़क निर्माण कर रहे नप ठेकेदार और स्थानीय निवासियों की झड़प हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष थाने जा पहुंचे और अपनी लिखित शिकायत पुलिस को सौंप दी। हालांकि पुलिस केस दर्ज करती इससे पहले ही वरिष्ठ पार्षद रविंद्र गुप्ता और अग्रवाल सभा प्रधान बलराम गुप्ता ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को सुलह करवा दी। पुलिस शिकायत में वार्ड के लोगों ने ठेकेदार पर हमले का प्रयास करने के आरोप लगाए थे तो वहीं, ठेकेदार ने शिकायतकर्ता पर काम में बाधा डालने और अपशब्द बोलने के आरोप लगाए थे। इस मामले की चर्चा दिनभर नगर परिषद कार्यालय में चली।
दरअसल नगर परिषद ने अग्रसेन धर्मशाला के सामने इंटर लाकिंग टाइलें बिछाने का टेंडर एक ठेकेदार को दिया हुआ है। करीब चार लाख रुपये की लागत से होने वाला यह काम आठ दिनों से चल रहा है। वहीं, इसमें प्रयोग की जा रही निर्माण सामग्री पर संदेह जारी कर एक वार्डवासी ने इसकी शिकायत नगर परिषद कार्यालय में सौंपी थी। इसके बाद जेई सुनील कुमार मौके पर पहुंचे और उन्होंने वहां का जायजा लिया था। शिकायतकर्ता ने पुलिस शिकायत में बताया कि मामले की शिकायत नगर परिषद से करने पर उक्त ठेकेदार ने उसे धमकी दी और रात के समय उससे मारपीट करने का प्रयास भी किया गया। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके घर पर युवकों द्वारा पत्थर भी फेंके गए, जिससे उनका दरवाजा व जाली भी क्षतिग्रस्त हो गई। इसके बाद बुधवार शाम ही मामले की शिकायत सिटी पुलिस थाने में दी गई।
वहीं, वीरवार को नगर परिषद कार्यालय पहुंचे उक्त ठेकेदार के पिता ने मामले की जानकारी नगर परिषद अधिकारी को दी और इसके बाद लिखित शिकायत सौंपने सिटी पुलिस थाने पहुंचा। ठेकेदार के पिता ने नप अधिकारी को बताया कि वार्ड निवासी एक व्यक्ति काम में बार-बार बाधा डाल रहा है और इसके चलते काम रुका हुआ है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि वीरवार को पार्षद रविंद्र गुप्ता व अग्रवाल सभा प्रधान बलराम गुप्ता थाने पहुंचे और दोनों पक्षों में समझौता करवा दिया। इसके बाद दोनों ने अपनी शिकायत वापस ले ली।
जेई ने पाइप की जगह नाली बनाने के दिए निर्देश
इंटर लाकिंग सड़क के साथ-साथ पानी निकासी के प्रबंध भी ठेकेदार द्वारा किए जाने हैं। इसके लिए पहले पाइप बिछाए गए थे। जब निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठे तो जेई ने मौके पर पहुंचकर वार्डवासियों के संदेह को दूर कराने के लिए पाइप प्लास्टिक के पाइप उखाड़कर नाली बनाने के निर्देश दिए। वहीं, ठेकेदार के पिता का कहना है कि वह इसके लिए तैयार था लेकिन इसके बाद भी काम में रोड़ा अटकाने का प्रयास किया।
हमारे पास दोनों पक्षों की शिकायत आई थी। जांच के लिए दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया था। वहां पार्षद रविंद्र गुप्ता और बलराम गुप्ता ने दोनों पक्षों का समझौता करवा दिया और दोनों अपनी-अपनी शिकायतें लेकर लौट गए। इसके चलते किसी भी पक्ष पर पुलिस केस दर्ज नहीं किया गया।
दलबीर सिंह, सिटी थाना प्रभारी