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ई-उपचार सुविधा के लिए सिविल अस्पताल में लगेगें 60 कंप्यूटरसेट, सर्वे टीम ने तैयार की रिपोर्ट

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चरखी दादरी। सूबे के अन्य जिलों की भांति चरखी दादरी जिला मुख्यालय अस्पताल में ई-उपचार सेवा शुरू करने की कवायद अब तेज हो गई है। गत 27 सितंबर को अस्पताल के सर्वे के लिए पहुंची टीम ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर सीएमओ को सौंप दी है। इसके मुताबिक अस्पताल के सभी कक्षों को ई-उपचार से जोड़ने के लिए 60 कंप्यूटर सेट लगेंगे और अगर इनकी संख्या में विस्तार की जरूरत पड़ी तो इसके भी प्रबंध साथ ही कर दिए जाएंगे। सर्व टीम की रिपोर्ट के मुताबिक अस्पताल परिसर में अतिरिक्त कंप्यूटर सेट शुरू करने के लिए 15 प्वाइंट तैयार किए जाएंगे। विभागीय सूत्रों की मानें तो सरकार अगर इस डिमांड को स्वीकृति देकर पूरा कर देती है तो नवंबर माह के अंत तक सिविल अस्पताल में भी एक क्लिक से ही मरीजों को उपचार मिलना शुरू हो जाएगा।
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सर्वे टीम में शामिल विशेषज्ञों ने स्थानीय चिकित्सकों के साथ 27 सितंबर को अस्पताल का निरीक्षण कर यहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। सीएमओ वीरेंद्र यादव ने भी टीम को अस्पताल के इंफ्रास्ट्रक्चर की जानकारी दी थी। सीएमओ ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि आज प्रदेश के लगभग सभी जिलों में ई-उपचार सेवा शुरू हो चुकी है और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। इससे जहां मरीजों की कागजी प्रक्रिया पूरी करने के लिए भागदौड़ कम हो गई है तो वहीं चिकित्सा का स्तर पर भी उपर उठा है। उन्होंने कहा कि चरखी दादरी सिविल अस्पताल में भी यह सेवा जल्द शुरू करने का हमारा प्रयास है। गत दिनों आई सर्वे टीम ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है।
टीम की रिपोर्ट के मुताबिक पूरे अस्पताल के सभी कक्षों को ई-उपचार सेवा से जोड़ने के लिए साठ कंप्यूटर सेट की आवश्यकता होगी। उन्होंने बताया टीम के सर्वेक्षण के आधार पर यह डिमांड हेड ऑफिस तत्काल भेज दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कागजी प्रक्रिया इस संबंध में शुरू हो गई है और हमारा प्रयास रहेगा कि नवंबर माह के अंत तक इस सेवा को शुरू कर दिया जाए ताकि मरीजों को कागजी प्रक्रिया से छुटकारा मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि उपचार की इस प्रक्रिया में मरीज की एक यूनिक आईडी बनाई जाएगी और इसके बाद उसे ओपीडी पर्ची या किसी भी टेस्ट की जांच रिपोर्ट लेने के लिए संबंधित कक्ष के आगे इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मरीज के टेस्ट की रिपोर्ट ऑन लाइन ही उसकी आईडी पर डाल दी जाएगी। इस रिपोर्ट को संबंधित चिकित्सक अपने कक्ष में रखे कंप्यूटर पर देख पाएगा और मरीज को बार-बार इधर-उधर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। वहीं, आईडी नंबर मिलने के बाद मरीज जिन जिला अस्पतालों में यह सुविधा है वहां भी अपना उपचार आगे बढ़ा सकता है।
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ये होंगे ई-उपचार के फायदे
- मरीज और चिकित्सकों के समय की होगी बचत।
- चिकित्सकों व स्टाफ की कार्यप्रणाली में आएगी पारदर्शिता।
- दवाओं का स्टॉक की आनलाइन मिल सकेगी जानकारी।
- एक क्लिक पर मिलेगी किसी भी टेस्ट की रिपोर्ट।
- रिपोर्ट फिल्म का बचेगा स्वास्थ्य विभाग का खर्चा।
- चिकित्सक या स्टाफ की लापरवाही का चलेगा तुरंत पता।
- चिकित्सकों की कार्यप्रणाली की उच्चाधिकारी कर सकेंगे मानीटरिंग।
- नए मरीज या दोबारा आने पर नहीं बनवानी पड़ेगी पर्ची।

कोट
ई-उपचार सेवा बहुत फायदेमंद है। इससे मरीज और स्टाफ को कागजी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ता। इस सेवा को जल्द शुरू कर देंगे और इसके लिए कागजी प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। - डॉ. वीरेंद्र यादव, सीएमओ,चरखी दादरी
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