बहादुरगढ़। सौलधा गांव में बने कूड़ा डंपिंग स्टेशन में सरेआम एनजीटी के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। शहर भर का कूड़ा खुले में डालने के बाद उसे आग के हवाले किया जा रहा है। इससे वायु प्रदूषण तो हो ही रहा है साथ ही ग्रामीणों और इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को भी बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस दिशा में प्रदूषण विभाग के अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। कई बार पार्षदों की ओर से भी प्रदूषण विभाग को शिकायत दी गई है।
सौलधा गांव में कूड़ा डंपिंग स्टेशन बनाया गया है। शहर भर से कूड़ा उठाने के बाद वहीं पर डाला जा रहा है। जहां पर यह कूड़ा डाला जा रहा है वहां पर एक कॉलेज भी स्थित है। डंपिंग स्टेशन के दोनों ओर गांव बसे हुए हैं। जिनमें हजारों की संख्या में आबादी निवास करती है। खास बात यह है कि कूड़ा यहां पर डालने के बाद उसमें आग लगाई जा रही है। मंगलवार को यहां पर शाम के समय कूड़े के ढेर में आग लगा दी गई। इससे पूरे मार्ग पर धुआं ही धुआं छाया रहा। इससे काफी मात्रा में वायु प्रदूषण हुआ। यह किसी को नजर नहीं आया।
यह बोले ग्रामीण
सौलधा गांव के ग्रामीण विकेश कुमार, शंकर, राम सिंह और नया गांव के निवासी मनोज कुमार, प्रवीण शर्मा, रमेश कुमार ने बताया कि जब इस कूड़े में आग लगाई जाती है तो इससे ग्रामीणों को सांस लेना भी दूभर हो जाता है। दोनों गांवों में बीमारियां फैलने का अंदेशा बना हुआ है। कई बार नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी शिकायत की गई है। मगर समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। मंगलवार की सायं भी इस कूड़े में आग लगा दी गई और कई घंटों तक धुआं उड़ता रहा। जिस तरफ भी हवा का रुख होता है वह धुआं उसी तरफ उड़ता है और लोगों को परेशानी होती है।
क्या बोले अधिकारी
हरियाणा राज्य प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी सतेंद्रपाल का कहना है कि नगर परिषद की ओर से इस दिशा में कार्रवाई की जानी है। कई बार उन्हें नोटिस भी जारी किए गए हैं। यदि कहीं सड़क पर कूड़ा या अन्य सामान जलाया जा रहा है तो उसमें नगर परिषद ही कार्रवाई करती है।